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Narnaul: ऑर्डर वापस करने के लिए इंटरनेट पर सर्च किया नंबर, एप इंस्टाल करा लगा दी 73 हजार की चपत

Mon, 01 Jan 2024 04:48 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)

सार

अगर आप ऑनलाइन खरीदारी करते हैं तो ऑर्डर मंगवाने व रिटर्न में ध्यान रखें, क्योंकि साइबर ठग ऑनलाइन सामान के नाम पर आपके साथ ठगी कर सकते हैं। ऐसा ही एक मामला अटेली के गांव बिहाली में सामने आया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा के नारनौल के अटेली क्षेत्र के गांव बिहाली में एक युवक द्वारा इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखकर जींस पेंट मंगवाई। पेंट फटी आने पर उसको बदलने की एवज में युवक के अकाउंट से करीब 73 हजार रुपये का फ्रॉड हो गया। इस बारे में पीड़ित युवक ने पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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पुलिस को दी शिकायत में गांव बिहाली निवासी पवन कुमार ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखकर दो जींस पेंट का ऑर्डर किया था। जिनकी कीमत 899 रुपये थी। जब उसके पास पेंट की डिलीवरी आई तो पेंट फटी हुई और पुरानी मिली। इसके बाद उसने गूगल से नंबर लेकर कस्टमर केयर को फोन किया। उसकी बात राहुल शर्मा नामक व्यक्ति से हुई।

उसने कोरियर वापस करने के लिए 2 रुपये ऑनलाइन चार्ज मांगा। दो रुपये चार्ज करने के बाद भी वह कोरियर का पैकेट नहीं लेने आया तो उसने कस्टमर केयर पर फिर से बात की। जिस पर उसने कहा कि वह उसका पैसा रिटर्न कर रहा है। पैकेट उनका आदमी आकर ले जाएगा।
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इस पर उसने प्ले स्टोर से एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा। जब उसने एप डाउनलोड करते हुए उसके द्वारा बताए गए स्टेप को फॉलो किया तो व्यक्ति ने बात करते-करते उसके मोबाइल के लास्ट पांच डिजिटल के अंक डालने के लिए बोला।

जैसे ही उसने लास्ट पांच डिजिटल के अंक डालें तब उसके अकाउंट से 73 हजार 635 रुपये कट गए। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी।

आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर ही करें डायल
कई बार लोग ऑनलाइन सामान मंगवाने या वापस करने में दिक्कतों का सामना करते हैं। इंटरनेट के बारे में जागरूकता कम होने के कारण अकसर ऐसा होता है। लोग हेल्पलाइन नंबर न मिलने पर इंटरनेट पर नंबर सर्च करते हैं और कई बार साइबर फ्रॉड के नंबर ऊपर ही दिखते हैं, जिसपर लोग कॉल कर लेते हैं और आधिकारिक नंबर न होने के कारण यहां से साइबर फ्रॉड का खेल शुरू हो जाता है व लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं।

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