सीआईए ने दस-दस हजार रुपये के दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने करीब तीन माह पहले शराब के ठेके में आग लगा दी थी। इसमें एक कारिंदे की मौत हो गई थी। इस मामले में चार आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। अभी इस मामले में दो आरोपियों की पुलिस को तलाश है। इस मामले का मुख्य आरोपी राजेश शराब का ठेका लेना चाहता। इसलिए ठेकेदार को धमकाने के लिए ठेके में लगा दी थी।
पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि राजस्थान से सटे जाखनी में पथाना गांव निवासी बलबीर सिंह ने देशी शराब का ठेका लिया हुआ था। ठेके पर जाखनी निवासी ओम प्रकाश को सेल्समैन था। 20 मई की रात को ठेके पर कुछ लोग आए और पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी थी। इसमें ओम प्रकाश गंभीर रुप से झुलस गया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस जघन्य कांड के आरोपी जैलाफ निवासी राजेश व सुभाष उर्फ गोसिया को सीआईए नारनौल ने अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया।
प्रवक्ता ने बताया कि मुख्य आरोपी राजेश ने शराब के ठेके के पास ही होटल( ढाबा) था। राजेश ने दूसरे आरोपी सुभाष के साथ मिलकर बलबीर ठेकेदार के मन में दहशत फैलाकर भगाने की साजिश रची थी ताकि ठेका मिल जाए। पहले तो आरोपी ने बलबीर के हाथ पांव तोड़ने की साजिश रची जो फेल हो गया। इसके बाद ठेका जलाने की साजिश रची और गांव के अन्य युवकों को भी साथ लिया। 19 मई की रात को सुभाष, राजेश के साथ धर्मबीर व रूप चंद ने ठेके में आग लगाने की कोशिश की थी लेकिन सफल नहीं हुए। 20 मई की रात में आरोपी सुभाष व साथी राजेश, सचिन व सुमेर दो मोटर साइकिलों पर सवार होकर आए। आरोपियों ने पेट्रोल छिड़कर शराब के ठेके में आग लगा दी। आग की चपेेट में आने से ओमप्रकाश झुलस गया था। जयपुर में एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान 10 दिन बाद मौत हो गई थी। पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन ने केस को सीआईए नारनौल को सौंपा था।
भिवानी और खटोटी से किया था गिरफ्तार
11 जून को आरोपी जैलाफ निवासी धर्मबीर व रूप चंद की मदद करने वाले सुभाष को थाना जयपुर ने गिरफ्तार किया था । वारदात को अंजाम देने वाले मास्टर माइंड व आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई थी। 14 अगस्त को आरोपी राजेश को खटोटी मोड़ से गिरफ्तार किया गया था। जिसे न्यायालय में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया था। आरोपी से पूछताछ के आधार पर 16 अगस्त को आरोपी सुभाष उर्फ गोसिया को भिवानी जिले से गिरफ्तार किया गया। आरोपी को कोर्ट से चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। राजेश की रिमांड अवधि खत्म होने पर न्यायालय नारनौल पेश कर रविवार को जेल भेज दिया गया। इस केस में सचिन व सुमेर की सीआईए नारनौल पुलिस को तलाश है। आरोपियों को पकड़ने में सीआईए प्रभारी अब्बास खान की टीम के एएसआई लाल सिंह, एचसी योगेश, एचसी भूपेंद्र, एचसी घनश्याम, एचसी संजीत, सिपाही विक्रम व वीरेंद्र शामिल थे।
रेकी करने के बाद आग लगाई
आरोपियों ने ठेका जलाने से पहले रेकी की थी। जब ठेके की लाइट बंद हो गई तब आरोपियों को लगा कि ठेके के अंदर कोई नहीं है। आरोपी राजेश को लगा था कि आग लगाने के बाद ठेकेदार बलबीर ठेका छोड़ देगा। लेकिन ठेके में सो रहा ओम प्रकाश आग की चपेट में आ गया और झुलस गया था। इस मामले में लोगों ने प्रदर्शन किया था। मुख्य आरोपी राजेश, सुभाष, सचिन व सुमेर फरार चल रहे थे। हाल में पुलिस विभाग ने दस-दस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की थी।