फोटो 70 महेंद्रगढ़ जिला के खेत में खड़ी बाजरा की फसल। संवाद
महेंद्रगढ़। जिले में इस बार सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे फसलों का विकास रुक गया था। ऐसे में मंगलवार को हुई बारिश फसलों के लिए वरदान साबित हुई है। यह बारिश कपास व बाजरा के लिए प्राकृतिक बूस्टर का काम करेगी और कीटों का प्रकोप कम होगा।
हर साल एक जून से तीन अगस्त तक 213.3 एमएम सामान्य बारिश होती है। इस बार अगर 23.4 एमएम बारिश और होती थी तो फसलों को सामान्य बारिश का लाभ मिल जाता। अब बारिश के अभाव में कपास व बाजरा की वृद्धि रुक गई थी। कपास के फूल गर्मी के कारण झड़ने या मुरझाने लगे थे और फुटाव भी रुक गया था।
साथ ही फसलों में कीटों का प्रभाव बढ़ने की संभावना भी थी। अब हुई बारिश से इन समस्याओं का समाधान हुआ है। किसानों को इससे लाभ मिलेगा और फसलों को प्राकृतिक रूप से वृद्धि बूस्टर मिलेगा। किसानों की चिंता भी अभी जायज है।
इस बारिश से फसलों को राहत तो मिली है, लेकिन इस सीजन में उत्पादन पर पिछले के साल के मुकाबले असर पड़ेगा। अगर बारिश समय पर होगी तो फसलों की वृद्धि और उत्पादन अच्छा होने की उम्मीद थी। इस बारिश से फसलों में देरी से फुटाव होगा और उत्पादन भी थोड़ा देरी से मिलने की संभावना हो सकती है।