वकील पुलिस विवाद के चलते एसपी चंद्रमोहन सहित 5 पुलिस कर्मचारियों के विरुद्ध न्यायालय में दायर शिकायत की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आदेश पारित करते हुए आरोपी कांस्टेबल सुधीर कुमार को सम्मन किया है। न्यायालय ने कांस्टेबल सुधीर कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 166, 294, 323, 341, 352, 504, 506 के अपराध के लिए तलब किया है। न्यायालय ने आरोपी बनाए गए एसपी चंद्रमोहन, एसआई युद्धवीर सिंह, महिला एएसआई राकेश कुमारी व एएसआई नसीम अख्तर को तलब नहीं किया है।
शिकायतकर्ता वकील रणधावा सिंह का आरोप है कि गत 2 मार्च को वह रोज की तरह अपने गांव भुंगारका से न्यायालय आ रहा था तो महावीर चौक पर कांस्टेबल सुधीर कुमार ने उसकी मोटरसाइकिल को रुकवा कर जबरन उसकी मोटर साईकिल की चाबी निकाल ली। विरोध करने पर उसके साथ गाली गलौच की थी व जान से मारने की धमकी देकर उसे उकसाया। एसपी चंद्रमोहन ने बिना एफआईआर दर्ज किए एक महिला एएसआई राकेश कुमारी के जरिए उसे उठवाने का प्रयास किया तथा उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिवक्ता रणधावा सिंह का आरोप है कि उसकी शिकायत में संज्ञेय अपराध के घटक मौजूद होने पर भी पुलिस अधीक्षक ने लोकसेवक होते हुए दोषी कर्मचारियों को विधि द्वारा मिलने वाली सजा से बचाने के लिए कानून के द्वारा उन्हें दिए गए निर्देशों की अवहेलना की तथा दोषी पुलिस कर्मचारी पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया, अपितु उन्होंने अधिवक्ता रणधावा सिंह पर ही एक झूठा मुकदमा नंबर 122 अंतर्गत धारा 186/332/506 आईपीसी थाना शहर नारनौल में अपनी मौजूदगी में दर्ज करवा दिया।
शिकायतकर्ता रणधावा सिंह ने इस बारे न्यायालय में 6 अप्रैल को इस्तगासा दायर किया था। इस्तगासा में एसपी चंद्रमोहन, सुधीर कुमार कांस्टेबल, महिला एएसआई राकेश कुमारी, एएसआई नसीम अख्तर व तत्कालीन एसएचओ/एसआई युद्धवीर सिंह को आरोपी बनाया था। उक्त आरोपियों में से न्यायालय ने केवल कांस्टेबल सुधीर कुमार को ही तलब किया है।
शिकायतकर्ता रणधावा सिंह के अधिवक्ता मनीष वशिष्ठ व यशवंत यादव ने कहा कि इस मामले में एसपी एवं अन्य पुलिस अधिकारियों की सीधे रूप में संलिप्ता थी जिस बारे गवाहों ने अपनी गवाही भी दी थी। एसपी चंद्रमोहन, एसआई युद्धवीर सिंह, महिला एएसआई राकेश कुमारी व एएसआई नसीम अख्तर को तलब नहीं करने के कारणों का उल्लेख न्यायालय ने अपने आदेश में नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस आदेश के विरुद्ध सत्र न्यायालय में रिविजन पिटिशन दायर की जाएगी।