नारनौल। जिले को नशामुक्त बनाने की मुहिम रंग दिखाने लगी है। पुलिस की ओर से नशा बेचने वाले तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। वर्ष 2024 में पुलिस ने मादक पदार्थ रखने व बेचने वालों के विरुद्ध 66 अभियोग दर्ज कर 96 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की ओर से चलाए जा रहे नशा मुक्त अभियान के तहत अब तक जिले के 175 गांव और 11 वार्ड नशामुक्त हो गए। जिले में कुल 361 गांव व 59 वार्ड हैं, इनमें ग्राम प्रहरी व सहायक प्रहरी नियुक्त हैं। प्रहरियों की ओर से गांवों, वार्डों में नशे से ग्रस्त व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित कर जिला पुलिस की तरफ से काउंसलिंग करवाई जा रही है और जिला नागरिक अस्पताल में उपचार करवाया जा रहा है।
''हमारा गांव नशामुक्त है'' के बोर्ड लगाए जा रहें
पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत जो गांव नशा मुक्त हुए है, उन गांवों में ग्राम पंचायत की ओर से ''हमारा गांव नशामुक्त है'' का बोर्ड लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नशा मुक्त अभियान एक अच्छी पहल है। अभियान से प्रेरणा लेकर युवा खेलों की ओर बढ़ रहे हैं। खेलों के कारण युवाओं का सामाजिक और शारीरिक विकास होगा।
खेलों से जोड़ा जा रहा युवाओं को
जिले के 80 गांवों को चिह्नित कर एसपीओ को तैनात किया गया है। जो युवाओं को खेलों से जोड़ने का काम कर रहे हैं। गत एक माह के दौरान जिले में करीब 4600 युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ा गया है। युवा भी खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं।
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कैसे तय होते हैं नशामुक्त गांव
जिन गांवों को नशा मुक्त घोषित किया गया है, उनमें केवल वह गांव शामिल है, जिसमें कोई भी व्यक्ति ना तो ड्रग्स बेचता है और ना ही सेवन करता है। हालांकि इसमें शराब शामिल नहीं है।
आज के समय समाज में ड्रग्स और नशे का प्रचलन एक बड़ी समस्या बना गया है। आवश्यक है कि समय रहते इस बुराई पर अंकुश लगाया जाए। हमारा प्रयास है कि समाज को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करें। आमजन से अपील है कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
पूजा वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक, नारनौल।