बीएसएफ के जवान के पिता को तिरंगा समर्पित करते पुलिस अधिकारी। संवाद
- फोटो : Narnol
गांव जाखनी निवासी बीएसएफ के जवान महिपाल का भारत-बांग्लादेश की सीमा पर ड्यूटी के दौरान ब्रेन हैमरेज होने से निधन हो गया। 23 मार्च को उनके पैतृक गांव में उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
महिपाल बीएसएफ की 35 बटालियन में थे और उनकी तैनाती भारत-बांग्लादेश सीमा पर थी। 22 मार्च को ड्यूटी के दौरान उनको ब्रेन हैमरेज हो गया, जिससे उनका निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर 23 मार्च को गांव जाखनी लाया गया। उनके साथ आए सैनिकों ने शस्त्र झुकाकर उन्हें अंतिम सलामी दी। महिपाल के दो भाई भी बीएसएफ में हैं। महिपाल की दो बेटियां और नौ साल का एक बेटा है। महिपाल की अंतिम शव यात्रा में ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, महिपाल तेरा नाम अमर रहेगा’ के नारे लगे। बीएसएफ के बवाना केंद्र के निरीक्षक मुकेश की टीम ने अंतिम सलामी दी।