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Mahendragarh-Narnaul News: पार्षद को गंदे पानी में चलाने के मामले में पार्षदों से मांगी माफी

Thu, 05 Jun 2025 11:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो नंबर-12पार्षदों की बैठक में माफी मांगने पहुंचे पार्षद को गंदे पानी में चलकार वीडियो वा
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नारनौल। वार्ड नंबर 26 के पार्षद काशीराम को नई जमालपुर कॉलोनी में जमा गंदे पानी में चलाकर वीडियो वायरल करने वाले युवकों ने वीरवार को नगर परिषद में पार्षदों के सामने लिखित माफी मांगी।
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पार्षद को गंदे पानी में चलाने का वीडियो वायरल होने के बाद सभी पार्षद लामबंद हुए और इसकी शिकायत जिला पुलिस अधीक्षक को दी थी। पुलिस कार्रवाई के भय से युवाओं ने गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। इस मामले को लेकर नगर परिषद में वीरवार को फिर नगर परिषद की चेयरपर्सन कमलेश सैनी की अध्यक्षता में सभी पार्षदों की बैठक बुलाई गई। इसमें नप के उपप्रधान संजीव यादव भी मौजूद रहे।
पार्षद काशीराम को गंदे पानी में चलाने की घटना में मुख्य रूप से शामिल बलराम सबसे पहले नगर परिषद में सभी पार्षदों से गलती के लिए माफी मांगी। पार्षदों ने उसे अन्य साथियों को भी सबके सामने बुलाकर माफी मंगवाने को कहा। इसके बाद उसने उस समय मौजूद अन्य युवकों को भी बुलाया।
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बैठक में युवकों ने माफी मांगते हुए कहा कि हम तो केवल उस घटना के समय वहां मौजूद थे। हमने पार्षद के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया जो कि वो खुद भी जानते हैं। इसके बाद बैठक में पार्षदों ने कहा कि इसमें सबसे बड़ा दोषी वह व्यक्ति है जिसने पार्षद की गंदे पानी चलते हुए वीडियो वायरल की है। उसे भी इस बैठक में बुलाना चाहिए।
वीडियो वायरल करने वाले युवक राहुल को फोन किया गया, लेकिन वह बैठक में नहीं पहुंचा। इस पर पार्षदों ने बलराम से कहा कि जब तक राहुल नहीं आएगा समझौता नहीं होगा। इस पर बलराम स्वयं राहुल के पास गया और उसे बैठक में लेकर आया। राहुल के बैठक में पहुंचते ही कई पार्षदों का गुस्सा उस पर फूट पड़ा। बैठक में पार्षदों ने राहुल से कहा कि आप बगैर तथ्यों की खबरों को सोशल मीडिया पर वायरल क्यों करते हो। बैठक में पार्षदों ने कहा कि इससे पहले भी आप वार्डों की समस्या सोशल मीडिया पर पार्षदों को खराब करने के लिए चला चुके हैं।
राहुल ने पार्षदों से कहा कि वह तो सोशल वर्कर होने के नाते समस्या सोशल मीडिया पर डालता रहता है। काशीराम की वीडियो वायरल करवाने के बजाय उनके साथ संबंधित अधिकारियों के पास जाना चाहिए था। समस्या का पार्षद के साथ मिलकर समाधान करवाना चाहिए था। इस तरह वीडियो वायरल करना कोई समाज सेवा नहीं है। अंत में राहुल ने कहा कि मेरी मंशा पार्षद को खराब करने की नहीं थी मैं तो समस्या ही दिखाना चाहता था।
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