पांच वर्ष पार्षदों की आपसी खींचतान के बाद शहर के रुके विकास कार्यों एसडीएम द्वारा करवाए जाने की आश भी खत्म होती जा रही है। लगभग दो महीने पहले एसडीएम के पास चार्ज आने के बाद अभी तक शहर में एक भी सड़क नहीं बन पाई है। शहर के बालाजी चौक से लेकर विंकटेश्वर मंदिर तक सड़क की हालत जर्जर हो रखी है। आए दिन दो पहिया वाहन चालक यहां गिरकर चोटिल हो रहे हैं। आठ महीने पहले लगभग 30 लाख रुपये से टेंडर छोड़े जाने के बाद भी सड़क पर काम शुरू नहीं हो पाया है। इस बात को लेकर रोड के दुकानदारों में प्रशासन के खिलाफ काफी नाराजगी है।
शहर की जर्जर सड़कों से परेशान शहरवासियों को शहर की सरकार से निराश होने के बाद जब दो माह पूर्व जब उपमंडल अधिकारी ने नगरपालिका महेंद्रगढ़ का कार्यभार संभाला तो सड़कों की दशा सुधरने की नई उम्मीद जगी थी। दो माह का समय बीत जाने के बावजूद शहर की किसी भी सड़क की हालात सुधारने की जिम्मेदारों ने अभी तक सुध नहीं ली है। शहरवासियों द्वारा चुनी गई शहर की सरकार तो पहले ही पार्षदों की आपसी खींचतान के कारण नाकारा साबित रही थी। पार्षदों की आपसी खींचतान के चलते पांच वर्ष का पूरा कार्यकाल एक-दूसरे के के आरोप-प्रत्यारोप तक सिमट कर रह गया। सिनेमा रोड पर आए दिन टूटी सड़कों में फंसकर वाहनों से लोग घायल हो रहे हैं। वहीं एक दिनभर में चार या पांच बार लगने वाले जाम ने दुकानदारों की दुकानदारी को भी प्रभावित कर दिया है। दुकानदार भी वाहन गुजरने के बाद उठने वाली धूल फांकने को मजबूर हैं।
16 पूर्व बने सिनेमा रोड पर दुकानदारों व लोगों द्वारा बार-बार मांग के बाद महज पेंचवर्क तक सीमट कर रह गया। सिनेमा रोड के दुकानदारों ने भी उपायुक्त से लेकर एसडीएम तक बार-बार गुहार लगाई लेकिन जिम्मेदारों ने भी इस ओर को ध्यान नहीं दिया। दुकानदारों द्वारा दिए गए ज्ञापन को भी रद्दी की टोकरी में डालते रहे।
सिनेमा रोड के दुकानदार लक्ष्मीकांत ने बताया कि जब नपा का चार्ज स्वयं प्रशासन ने अपने हाथों में लिया था तो उम्मीदें जगी थी। लेकिन हालात सुधरने की बजाए खराब हो गए। दिनभर में करीब चार बार जाम की स्थिति बनती है। टूटी सड़क के कारण लोग भी सिनेमा रोड पर आने से कतराने लगे हैं जिसके कारण उनकी दुकानदारी भी प्रभावित हो रही है।
दुकानदार अशोक जांगिड़ ने बताया कि वाहन गुजरने के बाद दिनभर उठने वाली धूूल से दुकानदार खासे परेशान है। हल्की सी बारिश होते ही सीवर ओवरफुल होने से इस सड़क पर दो-दो फुट पानी जमा हो जाता है। वाहनों के गुजरने के बाद रोड़ियां भी दुकानों में पहुंच रही हैं जिससे पूरे सामान पर धूल जम जाती है।
दुकानदार प्रवीण कौशिक ने बताया कि पांच दिन पूर्व उन्होंने इस मार्ग की हालत सुधारने को लेकर एसडीएम से गुहार लगाई थी। लेकिन प्रशासन द्वारा दुकानदारों की इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदेश के पुराने सात जिलों में शामिल महेंद्रगढ़ की मुख्यमंत्री द्वारा अनदेखी की जा रही है। इससे पहले ही सरकारों में भी सड़कों का इतना बुरा हाल नहीं रहा।
कपड़ा व्यापारी भरत खुराना ने बताया कि विकास के मामले में शहर लगातार पिछड़ता जा रहा है। शहर की तमाम सड़कें भी जर्जर हालात में पहुंच चुकी हैं। सड़क के गढ्डों के कारण दो दिन पहले ही दुकान के सामने हुए हादसे में महिला घायल हो गई थी। एसडीएम के कार्यभार संभालने पर उम्मीद जगी थी लेकिन अभी तक जर्जर सड़कों की सुध नहीं ली गई है।
अभी मानसून चल रहा है। हमने शहर के रोड बनाने की पूरी तैयारी कर रखी है। जैसे ही मानसून खत्म होगा, हम रोडों का काम शुरू करवा देंगे। -दिनेश कुमार, एसडीएम, महेंद्रगढ़।