अटेली क्षेत्र में डीएपी खाद की किल्लत के साथ यूरिया भी किसानों को पिछले 10 दिनों से नहीं मिल रहा है। इस कारण किसानों को भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा है। सरसों की बिजाई के बाद अब गेहूं की बीजाई का सीजन चला हुआ है, लेकिन किसानों को खाद नहीं मिल रहा है। अटेली शहर के खाद बीज विक्रेताओं ने डीएपी के बाद यूरिया को भी मंगवाना बंद किया हुआ है।
किसान तेजप्रकाश, रामपत बिहाली, राजकुमार राता, कर्मबीर अटेली, देवीलाल, बिल्लू राजपुरा व नरपत ने बताया कि पहले डीएपी नहीं मिला और अब यूरिया के लिए भटकना पड़ रहा है। यूरिया के बैग 266 रुपये 50 पैसे का होता है। किसानों को नहीं मिलने के कारण दूर-दराज से मंहगे रेट में अपनी व्यवस्था करने में लगे हुए हैं। इस समय यूरिया की सरसों की फसल में छिड़काव की आवश्यकता होती है। सरसों की बीजाई के 15-20 दिन बाद यूरिया छिड़काव करना जरूरी हो जाता है जो पौधे की वृद्धि में सहायक में होता है।
न्यू यादव बीज भंडार के संचालक यशपाल, कपिल, कृषि विकास केंद्र के संचालक हीरालाल सहित यूरिया के अटेली कस्बे के अधिकृत डीलरों ने 30 अक्तूबर को खोरी रेलवे स्टेशन पर लगे रैक को अपना कोटा लेने से मना कर दिया। इसके बाद कृभकों व किसान कंपनी के यूरिया की खेप भी खोरी रेलवे स्टेशन पर रैक लग चुका है लेकिन अटेली क्षेत्र में विक्रेताओं द्वारा नहीं लेने पर यूरिया की किल्लत बनी हुई है। विक्रेताओं ने कहा कि इस स्थिति में डीएपी का वितरण करना अपने चोर व कालाबाजारी का तगमा लगाने के समान है। इस स्थिति में कृषि विभाग व जिला प्रशासन सहयोग करने की बजाय कागजी कार्रवाई में फंसा कर बेवजह की अड़चन में ओर डाल देते है। खाद की ज्यादा मांग व माहौल खराब होने के कारण इन विक्रेताओं ने खाद लेेने से मना कर दिया। अब अटेली क्षेत्र का खाद दूसरे स्थानों के अधिकृत विक्रेताओं ने अलॉट करवाने के कारण दूसरे स्थानों पर चला गया है।
सीएम उड़न दस्ते की टीम द्वारा अटेली कस्बे के दो खाद बीज दुकानदारों केे गोदाम सील करने के विरोध में पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में चल रहे खाद बीज के विक्रेताओं की हड़ताल समाप्त हो गई है। सोमवार को अटेली क्षेत्र की दुकानों ने अपने प्रतिष्ठान खोले जिससे किसानों को राहत मिली। सीएम उड़न दस्ते की टीम ने 28 अक्तूबर को अटेली अनाज मंडी स्थित विष्णु ट्रेडिंग कंपनी व न्यू यादव बीज भंडार को यूरिया के स्टॉक का सही मिलान नहीं होने पर 30 अक्तूबर को गोदाम के सील कर दी गई थी। खाद बीज विक्रेताओं ने इस कार्रवाई को गलत बताया था। कृषि विभाग के डीडीए वजीर सिंह ने खाद बीज विक्रेताओं को भरोसा दिलाया कि उनके साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी इसलिए खाद बीज विक्रेता अपने प्रतिष्ठानों में डीएपी व यूरिया लाए।