रेवाड़ी रोड पर गंदे नाले पर सेफ्टीवॉल व संकेतक नहीं होने से आए वाहन चालक नाले में गिरकर आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं। गत 3-4 दिनों के दौरान दो वाहन इस नाले में गिरकर चुके हैं। गनीमत रही कि इस हादसें में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है। इससे पूर्व भी इसी प्रकार के अनेक हादसे हो चुके हैं लेकिन संबंधित विभाग अधिकारी हादसा होने के बाद सेफ्टीवॉल बनाने की खानापूर्ति कर इतिश्री कर लेते हैं।
इस समय सर्दी के साथ कोहरे व धुंध का प्रकोप बना हुआ है। ऐसे में पिछले 3-4 दिन में दो वाहन चालक सेफ्टीवॉल नहीं होने के कारण नाले में गिरकर घायल हो चुके हैं। बार-बार हो रहे हादसों व विभाग द्वारा मजबूत सेफ्टीवॅाल व संकेतक नहीं लगाने से स्थानीय लोगों में भी प्रशासन व विभाग के प्रति रोष बना हुआ है।
बात दें कि शहर के नारनौल-रेवाड़ी रोड से होकर गंदे पानी का छलक नाला गुजर रहा है। रेवाड़ी रोड से नारनौल की तरफ उक्त स्थान पर एक हलका मोड़ है। जोकि एक दुर्घटना संभावित मोड़ है क्योंकि रात के समय रेवाड़ी रोड से नारनौल की तरफ आने वाले वाहन चालक उक्त मोड़ पर कोई संकेतक नहीं होने के कारण इसका अंदाजा सही प्रकार नहीं लगा पाते हैं। वहीं नाले पर सेफ्टीवॉल नहीं होने के कारण वाहन सीधा नाले में जा गिरता है। इस प्रकार के कई हादसे हो चुके हैं। हालांकि इनमें अभी तक कोई जानमाल की हानि नहीं हुई है। कुछ वर्ष एक तेल का टैंकर उक्त नाले में गिर गया था। जिससे उसमें आग लग गई थी। जिसे बुझाने के लिए पूरे जिले की फायर बिग्रेड को बुलाया गया था, लेकिन इसके बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका था। जिसके बाद नाले के पुल से कुछ दिन के लिए वाहनों के आवागमन को बंद करना पड़ा था। इसी प्रकार सर्दी के मौसम अनेक वाहन इसमें गिरते रहते हैं। अभी 3-4 दिन में दो कार इस नाले में गिरकर क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
विभाग की मरम्मत के कुछ दिन बाद ही टूटी सेफ्टीवॉल
रेवाड़ी रोड से गुजर रहे गंदे नाले की सेफ्टीवॉल नहीं होने के कारण अनेक हादसे हो चुके हैं। हालांकि हादसे के बाद विभाग नींद से जागता है और सेफ्टीवॉल की मरम्मत करवाने के साथ संकेतक भी लगाता है लेकिन सेफ्टीवॉल की मरम्मत के कुछ दिन बाद ही न तो सेफ्टीवॉल दिखाई देती और न ही कोई संकेतक। क्योंकि सेफ्टीवॉल इतनी हलकी बनाई जाती है कि वाहन हलका सा टकराते ही सेफ्टीवॉल टूटकर गिर जाती है। ऐसे में बार-बार हो रहे हादसों के बाद भी विभाग अब तक मजबूत सेफ्टीवॉल खड़ा कर पाया है। यहीं कारण है वाहन चालक आए दिन नाले में गिरकर घायल हो रहे हैं।
नाले पर सेफ्टीवॉल नहीं होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। अभी 3-4 दिन के दौरान दो वाहन इसमें गिर चुके हैं। प्रशासन की इस तरफ ध्यान देकर ऐसे हादसों को रोकने के लिए कोई पुख्ता प्रबंधन करना चाहिए। -धर्मपाल।
हलके स्तर की सेफ्टीवॉल का निर्माण किए जाने से वह कुछ दिन में गिरकर टूट जाती है। इसलिए विभाग व प्रशासन को नाले पर मजबूत सेफ्टीवॉल का निर्माण करवाना चाहिए। ताकि हादसों को रोका जा सके। -राजेंद्र सिंह।
गंदे नाले के पास मोड़ काफी खतरनाक है। यहां कोई संकेतक नहीं लगा होने के कारण अधिक खतरा रहता है, क्योंकि रात के समय तेज गति से आने वाले वाहन उक्त मोड़ का सही प्रकार से अंदाजा नहीं लगा पाते हैं और नाले में गिर जाते हैं। -सुभाष।
नाले में गिरकर अनेक वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। सर्दियों के मौसम में धुंध व कोहरे के कारण अधिक हादसे होते हैं। इसलिए प्रशासन को विशेषकर धुंध व कोहरे के समय यहां सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए। -मनोज कुमार।
हमने सिटी के लिए बाईपास बनवा दिया है। सिटी के अंदर का हिस्सा हम एक बार कारपेट कर वापस पीडब्ल्यूडी को सौंप देंगे। लगभग कारपेंटिंग का काम पूरा हो चुका है। जल्द ही उनको लेटर जारी कर सौंप देंगे। -पीके कौशिक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई।
अभी यह हिस्सा एनएचएआई के पास है। वो ही एनएच 11 को लेकर काम कर रही है। हमारे पास आते ही मैं इससे प्राथमिक तौर पर बनवाउंगा। -अश्वनी गहलावत, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग, महेंद्रगढ़।