फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

134ए : दाखिले के लिए अभिभावकों ने राज्यमंत्री से लगाई गुहार

विज्ञापन
134-ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए राज्यमंत्री से मिलते अभिभावक। - फोटो : Narnol
विज्ञापन
मंत्री जी...क्या निजी स्कूल संचालक सरकार से भी बड़े हो गए हैं कि सरकार के आदेशों की भी पालना नहीं कर रहे हैं। यह बात 134ए के तहत दाखिले से वंचित बच्चों के अभिभावकों ने एक निजी स्कूल संचालक द्वारा उनके बच्चों को दाखिला नहीं देने पर राज्यमंत्री ओमप्रकाश से उनके निवास पर गुहार लगाते हुए कही। इस पर राज्यमंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त यादव को फोन पर सभी वंचित विद्यार्थियों को तुरंत प्रभाव से दाखिला दिलाने के आदेश दिए। इसके बाद अभिभावक अपने बच्चों के साथ राज्यमंत्री के आश्वासन के बाद दाखिला लेने के लिए निजी स्कूल पहुंचे। जहां नारनौल खंड शिक्षा अधिकारी सुभाष सामरिया भी अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे और दाखिले संबंध में स्कूल प्रबंधकों से बात की। इस दौरान स्कूल प्रबंधकों ने दस्तावेजों की वेरिफिकेशन के बाद सभी विद्यार्थियों को दाखिला देने की बात कही। जिसके बाद अभिभावक घर लौट गए।
विज्ञापन

बता दें कि 134ए के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क पढ़ाई करवाई जाती है। इस नियम के तहत प्रतिवर्ष दाखिला प्रक्रिया आयोजित कर ऐसे बच्चों को दाखिला दिया जाता है। इस बार भी 1200 के करीब विद्यार्थियों ने मूल्यांकन परीक्षा उत्तीर्ण कर दाखिले के लिए क्वालीफाई किया था। मगर कुछ निजी स्कूलों की मनमानी के चलते अनेक विद्यार्थियों को एक माह बाद भी दाखिला नहीं मिल पाया है। दाखिला नहीं मिलने से अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है क्योंकि उन्होंने 134ए के तहत दाखिले के लिए पुराने स्कूल से अपने बच्चों की स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट भी कटवा ली है। शहर में 34 के करीब ऐसे विद्यार्थी है जिन्हें 134ए के तहत अभी तक दाखिला नहीं मिल पाया है।
अभिभावक कई बार लगा चुके हैं प्रशासन व राज्यमंत्री के चक्कर
134ए के तहत दाखिले के लिए अभिभावक अपने बच्चों के साथ कभी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तो कभी उपायुक्त कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं। यही नहीं दो बार राज्यमंत्री से भी मुलाकात कर चुके हैं लेकिन अभिभावकों को केवल दाखिले का आश्वासन दिया जा रहा है मगर दाखिला नहीं दिया जा रहा है। शनिवार को दाखिले की अंतिम तिथि होने के कारण अभिभावक एक बार फिर से राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव के निवास पर पहुंचे। यहां उन्होंने राज्यमंत्री से वंचित विद्यार्थियों को दाखिला दिलवाने की मांग की। राज्यमंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी से बात कर वंचित विद्यार्थियों को तुरंत दाखिल देने के निर्देश दिए मगर शनिवार को भी अभिभावकों को दाखिला नहीं मिल पाया।
विज्ञापन

दस्तावेज वेरिफिकेशन के बाद सभी को दे दाखिला
अभिभावक के साथ दाखिला के लिए एक निजी स्कूल पहुंचे नारनौल खंड शिक्षा अधिकारी सुभाष सामरिया ने स्कूल प्रबंधकों से बात कर विद्यार्थियों को बिना देरी किए दाखिला देने के निर्देश दिए। इस दौरान स्कूल प्रबंधकों ने कुछ विद्यार्थियों के बीपीएल व आय प्रमाण पत्र को लेकर आपत्ति जताई। जिस पर बीईओ ने स्कूल प्रबंधकों से उनके दस्तावेजों की वेरिफिकेशन के लिए निदेशालय द्वारा गठित की गई कमेटी के समक्ष रखकर उनकी जांच करवाए। अगर जांच में दस्तावेजों में कमी मिलती है तो उनका आवेदन रद्द कर सकते हैं। मगर जिन विद्यार्थियों के दस्तावेज सही व दुरुस्त है उन्हें बिना देरी किए दाखिला दिया जाए। इस पर स्कूल प्रबंधकों ने सभी विद्यार्थियों को दाखिल देने का आश्वासन दिया।
दाखिले के लिए शनिवार को वे स्वयं अभिभावकों के साथ निजी स्कूल में गए। स्कूल प्रबंधकों से बात हो गई है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को दाखिला देने का आश्वासन दिया है। एक-दो दिन में सभी को दाखिला मिल जाएगा।
विज्ञापन

-सुभाष सामरिया, खंड शिक्षा अधिकारी, नारनौल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें