श्रेष्ठ मनुष्य ही मिलकर श्रेष्ठ समाज का निर्माण करते हैं और श्रेष्ठ कर्म भी यज्ञ के समान है। यह उपदेश थीम पार्क में चल रहे दस दिवसीय 501 कुंडीय लक्षचंडी महायज्ञ में संतों ने दिया। इस दौरान महायज्ञ में संतों ने आहुतियां भी भेंट की।
मंगलवार को आयोजित संत सम्मेलन में मुख्य रूप से बद्रीकाश्रम ज्योतिष पीठाधीश्वर के जगद्गुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती पहुंचे। इसके अलावा काशी सुमेरू पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य, स्वामी नरेशानंद सरस्वती, जगद्गुरु घनश्यामा तीर्थ, परमहंस हरि चैतन्य ब्रह्मचारी, महामंडलेश्वर विश्वेश्वरानंद गिरि, जयराम विद्यापीठ से ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, राजपुरी डेरा बाता (कैथल) के महंत इंद्रगिरी समेत धर्मनगरी के कई संत भी शामिल हुए।
इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कर्म करने के लिए स्वतंत्र है और श्रेष्ठ कर्म करना ही यज्ञ है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का शरीर भी एक क्षेत्र है, जिसके माध्यम से मनुष्य कर्म करता है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि जैसे धरती पर कोई बीज बोया जाए तो वैसा ही अंकुरित होगा। इसी प्रकार इस शरीर रुपी क्षेत्र के अंदर जिस प्रकार के संस्कार, भावनाएं, विचार का रोपण किया जाएगा। वह वैसा ही अंकुरित होगा। श्रेष्ठ मनुष्यों से ही श्रेष्ठ समाज का निर्माण होगा। जिस प्रकार एक मनुष्य अपने खेत की निराई गुड़ाई करता है, उसी प्रकार मनुष्य को अपने इस शरीर रूपी क्षेत्र की भी निराई गुड़ाई इस लक्षचंडी महायज्ञ रूपी श्रेष्ठ कर्मों व सत्संगों द्वारा करनी चाहिए।
यज्ञ सम्राट हरिओम महाराज, महामंडलेश्वर डॉ. प्रेमानंद, महामंडलेश्वर विकास दास महाराज मोहड़ा धाम, अशोक शर्मा, आशुतोष गोस्वामी, राजेश मौदगिल, विजयंत बिंदल, राहुल तंवर व सतपाल द्विवेदी सहित व्यवस्था में जुटे समस्त कार्यकर्ताओं ने सभी संतों का स्वागत किया। वहीं बद्रीकाश्रम ज्योतिष पीठाधीश्वर के जगदगुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने लक्षचंडी महायज्ञ के प्रेरणा स्त्रोत यज्ञ सम्राट हरिओम को त्रिपुरा सुंदरी धाम (त्रिपुरा) का पीठाधीश नियुक्त करने की घोषणा की।
इसका सभी संत समाज व श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। मंगलवार सुबह सभी संतों ने लक्षचंडी महायज्ञ में आहुतियां दी। कार्यक्रम में नगर परिषद थानेसर की निवर्तमान अध्यक्षा उमा सुधा, प्राचीन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से स्वामी अनूप गिरी, स्थानेश्वर महादेव मंदिर से स्वामी रोशन पुरी, विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री बालकिशन, खंड कार्यवाह राजीव, आरएसएस विभाग कार्यवाह डॉ.प्रीतम, डॉ. मनीष, पुरुषोतम सिंह ठाकरान, सह जिला संघचालक रणजीत सहित श्रद्धालु मौजूद रहे।