संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन शोध केंद्र ने शनिवार को गांव मिर्जापुर में महिलाओं के लिए चिकित्सा जांच एवं पोषण जागरूकता शिविर का आयोजन किया। शिविर मेें केयू की डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. मंजुला चौधरी ने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अक्सर शारीरिक समस्याओं को छिपा लेती हैं या बताने में देर कर देती हैं, जिसके परिणाम कई बार जानलेवा हो जाते हैं।
एलएनजेपी अस्पताल से डॉ. आरती और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष अनेजा ने महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं सुनीं। डॉ. आरती ने स्तन कैंसर के लक्षणों और स्वयं की जा सकने वाली जांच के बारे में बताया। केंद्र की निदेशिका प्रो. अनीता दुआ ने संतुलित आहार तथा पोषण के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि महिलाएं घर के कामों को पूरा करने के चक्कर में अपने स्वास्थ्य की कई बार अवहेलना कर जाती हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की शारीरिक आवश्यकता पुरुषों से थोड़ा भिन्न होती हैं, इसलिए स्वस्थ रहने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, स्थानीय फल, दालें व अनाज सभी को अपने आहार में शामिल करना चाहिए। अंकुरित अनाज का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि यदि थोड़ी-थोड़ी मात्रा में यह रोज लिया जाए तो यह शरीर की पोषण संबंधी कई कमियों को दूर करता है।
शिविर में गांव की लगभग 80 महिलाओं एवं लड़कियों ने स्वास्थ्य जांच करवाई। डॉ. आशीष अनेजा के साथ उनकी टीम के सदस्य अमित नोटियाल, सुनील, अनिल कुमार, नीरज ने महिलाओं के रक्त, बीपी और नसों की जांच की। इस अवसर पर केंद्र की उप निदेशक प्रो. वनिता ढीगरा, डॉ. वंदना दवे, अंजु, सिलाई एवं कढ़ाई केंद्र की इन्सट्रक्टर आरती उपस्थित रहीं।