संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। उपभोक्ता फोरम में केस पर सुनवाई कर उपभोक्ता के हक में फैसला देते हुए एक बीमा कंपनी को छह प्रतिशत प्रति वर्ष ब्याज के साथ मोबाईल की राशि अदा करने के लिए आदेश दिए हैं। वहीं करीब चार साल चले इस केस में उपभोक्ता को जो परेशानी का सामना करना पड़ा उसके लिए भी कंपनी को पांच हजार रुपये की नुकसान भरपाई करनी होगी।
अधिवक्ता आरके चोपड़ा ने बताया कि नीरज वासी मिर्जापुर ने उपभोक्ता फोरम में याचिका दर्ज कराई थी कि उसने नौ अगस्त, 2017 में उसने पारस कॉम्प्लेक्स रोड स्थित एक दुकान से 15 हजार 990 रुपये में मोबाइल फोनखरीदा था। मोबाइल फोन का उसने एक कंपनी में 1847 रुपये का बीमा भी कराया था। चार दिसंबर, 2017 को उसका मोबाइल वाहन के नीचे आने से टूट गया। उसने बीमा कंपनी से संपर्क किया तो कंपनी वालों से उसे एक नंबर देकर उस पर संपर्क करने के लिए कहा। उक्त नंबर पर फोन किया तो उसकी शिकायत दर्ज कर ली गई और एक कलेम नंबर भी दिया।
उसके बार करीब आठ माह बीत जाने के बाद भी कंपनी ने न तो उसका मोबाइल रिपेयर करके दिया और न ही बीमा राशि दी, जिस वजह से उसे आर्थिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ा। अधिवक्ता चोपड़ा ने बताया कि उपभोक्ता ने नौ अगस्त, 2018 को इस मामले में उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। उपभोक्ता फोरम ने इस केस को दायर कर एक कोरम बैठाया, जिसकी प्रधान नीलम कश्यप व सदस्य नीलम और ईशम सिंह थे। यह केस मोबाइल बेचने वाले, मोबाइल के सर्विस सेंटर और बीमा कंपनी के खिलाफ डाला गया। करीब चार साल चले इस केस में कोरम ने उपभोक्ता के हक में फैसला सुनाया।
कोरम ने दुकानदार व सर्विस सेंटर के खिलाफ दायर याचिका को रद्द कर बीमा कंपनी को मोबाइल की कीमत छह प्रतिशत प्रति वर्ष ब्याज के साथ चुकाने के आदेश दिए। वहीं कोरम ने यह भी कहा कि उपभोक्ता को कंपनी की वजह से मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ा इसके लिए बीमा कंपनी को पांच हजार नुकसान भरपाई करनी होगी। यह राशि उपभोक्ता को 30 दिन में मिल जानी चाहिए।