पिहोवा के गांव थाना गुजरान क्षेत्र में मंगलवार को ईंट भट्ठे पर कपड़े धो रही महिलाओं पर पानी की टंकी की दीवार गिर गई। मलबे दबने से दो महिलाओं की मौत हो गई और तीन घायल हो गईं। घायलों को अस्पताल में दाखिल कराया गया है। भट्ठा मजदूरों ने ठेकेदार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। आरोप है कि जानकारी देने के बाद पानी की टंकी में आई दरार ठीक नहीं कराई गई।
बताया गया कि कैथल रोड पर स्थित भट्ठे पर काम करने वाली महिलाएं सुबह की साढे आठ बजे अपने कपड़े धो रही थीं। उसी समय लगभग सात फुट ऊंटी पानी की टंकी की दीवार उन पर गिरी गई, जिसके नीचे महिलाएं दब गई। यह देखकर वहा मौजूद मजदूरों में हड़कंप मच गया और सभी महिलाओं को मलबे के नीचे से निकालने में जुट गए।
मजदूरों ने मलबे में दबी कुसुम, गरिमा, सुंदरी, चमनी व बबीता को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। रास्ते में घायल कुसुम की मौत हो गई। हालत गंभीर होने पर सुंदरी को करनाल रेफर कर दिया गया। करनाल ले जाते समय सुंदरी ने रास्ते में दम तोड़ दिया। इसी बीच हादसे की सूचना पाकर मौके पुलिस और गोयल भट्टा कंपनी के मालिक गिन्नी मित्तल भी मौके पहुंच गए।
मजदूर अमित ,राजपाल, कुलदीप आदि मजदूरों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से गोयल भट्ठे पर ईंटों को बनाने का काम कर रहे हैं। वहां भट्टा मालिकों ने एक पानी की टंकी बनाई है, जिस पर सभी मजदूर नहातेऔर कपड़े धोते हैं। पानी की टंकी में कई दिनों से दरार आई हुई थी। उन्होंने इस बारे में ठेकेदार को भी अवगत करवाया था, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी और यह हादसा हो गया।
भट्ठा मालिक गिन्नी मित्तल ने बताया कि उन्हें सुबह हादसे की सूचना मिली थी। वे तत्काल मौके पर पहुंचे थे। कुछ महिलाओं को चोटें लगने की जानकारी मिली। उनका इलाज शुरू करवा दिया है। वे पीड़ितों की ह संभव मदद करेंगे। गुमथला गढु चौकी इंचार्ज नरेश कुमार ने कहा कि पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिस महिलाओं की मौत हुई हैं, उनके परिजनों के बयान ले लिए गए हैं। बयान के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।