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Kurukshetra News: धान खरीद विवाद तेज राइस मिलर्स की हड़ताल से मंडी ठप

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पिहोवा। धान खरीद को लेकर धरने पर बैठे किसान यूनियन व राइस मिलर्स के सदस्य। विज्ञप्ति
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कुरुक्षेत्र। जिले में धान खरीद सीजन के बीच किसान यूनियनों के धरने-प्रदर्शन के बाद अब राइस मिलर्स भी मैदान में उतर आए हैं। रविवार को पूरे दिन पिहोवा मंडी में खरीद कार्य पूरी तरह बंद रहा जिससे किसानों और मजदूरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
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राइस मिलर्स एसोसिएशन की बैठक ग्रोवर राइस मिल में प्रधान सतीश सैनी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में ठोस आश्वासन न मिलने तक खरीद न करने का फैसला लिया गया। प्रधान सतीश सैनी ने बताया कि सरकार के आग्रह पर उन्होंने मंडी में खरीद शुरू की थी लेकिन अब किसान उन्हें परेशान कर रहे हैं। गीली और खराब क्वालिटी की धान को भी सरकारी रेट पर खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा किसान मिल्स पर इकट्ठे हो जाते हैं जिससे सुरक्षा का खतरा महसूस होता है। सैनी ने कहा जब तक सरकार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं करती, मिलर्स खरीद नहीं करेंगे।
शनिवार को किसान यूनियनों ने नमी के नाम पर कटौती को धांधली बताते हुए मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला जड़ दिया था। उनका आरोप था कि फसल को आधे-अधूरे दाम पर खरीदा जा रहा है। सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,389 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन कम दाम पर बेचने से मना करने वाले किसानों को मंडी में एक सप्ताह तक बिठाया जाता है। देर रात डीएसपी निर्मल ने खरीद शुरू करवाई थी, लेकिन उसके बाद मिलर्स हड़ताल पर चले गए।
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उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि एजेंसियां तेजी से खरीद कर रही हैं। विवाद सुलझाने के लिए वह खुद और एसडीएम अभिनव सिवाच ने मिलर्स को सोमवार को बैठक के लिए बुलाया है, जहां आगामी निर्णय लिया जाएगा।
डीसी ने कहा कि किसान यूनियनों और मिलर्स के बीच तनाव से मंडी प्रभावित हो रही है, लेकिन सरकारी खरीद सुचारू है। मौसम सुधारने से आवक बढ़ रही है और अधिकारियों को उठान तेज करने के निर्देश हैं। यह विवाद सीजन की चिंता बढ़ा रहा है, लेकिन प्रशासन समाधान की दिशा में कदम उठा रहा है।
खरीद में देखी जा रही है तेजी
सरकारी एजेंसियां खरीद में तेजी दिखा रही हैं। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि 11 अक्टूबर तक खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग (डीएफएससी) और हैफेड ने कुल 5,43,806 मीट्रिक टन (एमटी) धान खरीदा, जिसके लिए 955.69 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इसमें डीएफएससी ने 4,41,717 एमटी (770.67 करोड़) और हैफेड ने 1,02,089 एमटी (185.02 करोड़) खरीदा। उठान कार्य में भी 80 प्रतिशत (डीएफएससी) और 77 प्रतिशत (हैफेड) प्रगति हुई है। जिले में 22 खरीद केंद्र स्थापित हैं, जहां से डीएफएससी, हैफेड, एफसीआई और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन खरीद कर रही हैं।
मंडीवार खरीद विवरण

डीएफएससी ने अजराना कला 2,745 एमटी, अमीन 1,739 एमटी, बाबैन 21,516 एमटी, भौर सैनी 2,455 एमटी, चढ़ूनी जाटान 3,026 एमटी, गुमथला राव 9,064 एमटी, इस्माईलाबाद 27,670 एमटी, झांसा 13,721 एमटी, थानेसर 85,464 एमटी, लाडवा 71,473 एमटी, नलवी 1,893 एमटी, पिहोवा 71,255 एमटी, पिपली 31,507 एमटी, शाहबाद 84,335 एमटी, थाना 1,406 एमटी और ठोल 12,448 एमटी से खरीद की। हैफेड ने बाबैन 10,319 एमटी, बारना 904 एमटी, बोधनी 965 एमटी, इस्माईलाबाद 22,072 एमटी, कराह साहिब 2,062 एमटी, कुरुक्षेत्र 12,558 एमटी, लाडवा 20,079 एमटी, लुखी 462 एमटी, मलिकपुर 2,062 एमटी, नीमवाला 656 एमटी, पिहोवा 19,844 एमटी, पिपली 306 एमटी, शाहाबाद 7,368 एमटी और ठोल 1,591 एमटी से खरीदा।

पिहोवा। धान खरीद को लेकर धरने पर बैठे किसान यूनियन व राइस मिलर्स के सदस्य। विज्ञप्ति

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