टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम के हाथ से पदक चुकने के बाद नवजोत कौर के घर में निराशाजनक माहौल बन गया। हाथ से मैच छूट जाने के बाद ओलंपियन नवजोत कौर की मां मनजीत कौर अपने आंसू नहीं रोक सकी। थोड़ी देर बाद पिता सतनाम सिंह ने बेटी से बातचीत करके उसका व पूरी टीम का हौसला बढ़ाया। इसके बाद नवजोत ने मां से बातचीत करके उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि आप एक खिलाड़ी की मां है आपने ही तो मुझे मजबूत बनाया है तब मां ने मुस्कुरा कर बेटी को प्यार और आशीर्वाद दिया। नवजोत कौर के पिता सतनाम सिंह ने बेटियों की हॉकी के खेल की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हमारी बेटियां बहुत मजबूत है। उनके प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। बेटियों का स्वागत उसी तरह से होगा जैसे पदक जीतने पर किया जाता है, क्योंकि उनकी बेटियां ही उनका खरा सोना है। 10 अगस्त को बेटियां वापस लौट रही हैं। वहीं ओलंपियन नवनीत कौर के पिता बूटा सिंह ने कहा कि बेटियों को हार का मलाल करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने जैसा प्रदर्शन किया उसने आने वाली पीढ़ी के लिए नई दास्तां लिखने का काम किया है। प्रदेश सरकार ने ओलंपिक में गई प्रत्येक हॉकी खिलाड़ी के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा करके उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। इससे नए खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
कप्तान रानी की मां राममूर्ति ने कहा कि उनकी बेटी साधारण खाना ही खाती है। रानी को राजमा-चावल बेहद पसंद है। बेटी के आने पर उसके लिए पसंदीदा राजमा-चावल बनाऊंगी और अपने हाथ से खिलाउंगी। उसे ठंडी खीर भी बेहद पसंद है।
-साल 2016 में रियो ओलंपिक।
-साल 2017 में एशिया कप में गोल्ड।
-साल 2018 में एशियन गेम्स में सिल्वर, कॉमनवेल्थ में चौथा स्थान और सीनियर वर्ल्ड कप।
-साल 2019 में ओलंपिक क्वालीफाई
-अगस्त 2021 में टोक्यो ओलंपिक में चौथा स्थान
-साल 2013 में जूनियर वर्ल्ड कप।
-साल 2017 में एशिया कप में गोल्ड।
-साूल 2018 में एशियन गेम्स में सिल्वर, कॉमनवेल्थ में चौथा स्थान और सीनियर वर्ल्ड कप।
-साल 2019 में ओलंपिक क्वालीफाई।-अगस्त 2021 में टोक्यो ओलंपिक में चौथा स्थान।