Water supplied from public health tube well is not potable
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कुरुक्षेत्र। अटल भूजल योजना के तहत भूजल प्रबंधन के लिए शाहाबाद ब्लॉक के 12 नए गांवों (गोरीपुर, समालखी, लांडी, दौमाजरा, रावा, ददलू, पडलू, दामली, सुरखपुर, मोहनपुर, ढाकला और रामनगर मजलाशी) का दौरा किया गया, जहां किसानों, महिलाओं, ग्राम सचिवों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जल समिति के सदस्यों और विद्यार्थियों भूजल प्रबंधन के लिए जल पंचायत में भाग लिया।
कनिष्ठ जल वैज्ञानिक बारू राम सागवाल ने ग्रामीणों के सामने इन गांवों के सभी महत्वपूर्ण जल गुणवत्ता परीक्षण किए। नाइट्रेट टेस्ट, फ्लोराइड टेस्ट, आयरन टेस्ट, टीडीएस टेस्ट और पीएच टेस्ट का पता लगाया। जांच में पता चला पब्लिक हेल्थ ट्यूबवेल से सप्लाई किया जाने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। इसके पीछे मुख्य कारण, सार्वजनिक स्वास्थ्य पाइपलाइनों और पुरानी पाइपलाइनों की खराब स्थिति और ताजे पानी में अन्य खतरनाक संदूषण के कारण है। टीम लीडर डॉ. नवीन नैन ने 12 गांवों में जल समिति के सदस्यों को जल गुणवत्ता परीक्षण किट (बैक्टीरिया परीक्षण की बोतलें) वितरित कीं और सभी ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
डॉ. नवीन नैन ने उत्कृष्ट जल सुरक्षा योजना, जल बजट, जल संतुलन और हस्तक्षेप और पांच गांवों की लाभार्थी सूची सभी ग्रामीणों के बीच प्रस्तुत की। डॉ. नैन ने बताया कि अभी पांच गांवों का जलस्तर 170 से 250 फीट के बीच बना हुआ है। 12 गांव घरेलू और कृषि क्षेत्रों में बुनियादी आवश्यकता से आठ गुना अधिक भूजल निकाला जा रहा है।