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सार्वजनिक शौचालयों के हाल बेहाल, कहीं टूटे दरवाजे तो कहीं टोंटी व पाइप ही गायब

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प्रशासन की ओर से दिव्य कुरुक्षेत्र बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन ध्यान मूलभूत सुविधाओं पर भी नहीं है। शहर के अधिकांश सार्वजनिक शौचालय बदहाल हालत में हैं। उनमें सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। कई शौचालयों में तो दरवाजे एवं पानी की टोंटियां तक भी नहीं है। समस्या के समाधान के लिए लोग सीएम विंडो तक पर शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अमर उजाला टीम ने मंगलवार को सेक्टर-5,7,13 व 17 के शौचालयों की ग्राउंड लेवल पर जाकर स्थिति जांची। इन सभी शौचालयों में एक भी ऐसा नहीं मिला, जो इस्तेमाल करने लायक हो।
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सबसे ज्यादा खराब हालात सेक्टर-17 मार्केट स्थित शौचालयों के मिले। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधीन आने वाले इस सेक्टर के शौचालयों में पिछले डेढ़ साल से सफाई ही नहीं हुई। हालत इतनी बदतर है कि शौचालय में अंदर जाना तो दूर कोई इसके बाहर भी पांच मिनट खड़ा नहीं रह सकता। तीव्र दुर्गंध पास से गुजरने वाले को सांस रोकने पर मजबूर कर देती है। सेक्टर 17 को हार्ट ऑफ सिटी कहा जाता है। यहां पर कई शिक्षण संस्थान, बैंक, शॉपिंग कांप्लेक्स और फास्ट फूड कॉर्नर हैं। हजारों की संख्या में रोजाना लोग यहां आते हैं, लेकिन बदहाल शौचालयों के कारण परेशान होना पड़ता है।
इसी प्रकार सेक्टर 5 की मार्केट में बने एकमात्र शौचालय में दोनों नल गायब मिले। यूरिनल की दोनों पाइपें निकली हुई थीं। यहां भी बाहर से ही तीव्र दुर्गंध आ रही थी। सेक्टर 7 की मार्केट में बना एकमात्र सार्वजनिक शौचालय का बाकियों से भी बुरा हाल मिला। यहां पर टायलेट सीट तो रखी हुई थी, लेकिन उसके चारों तरफ बनाई गई शेड को ही किसी ने उखाड़ दिया, जिसकी वजह से वहां अब सिर्फ ओपन टायलेट ही रह गया। सेक्टर 13 की मार्केट में बने दो सार्वजनिक शौचालयों में से एक का मेन दरवाजा टूटा हुआ है व दूसरे में लीकेज होने की वजह से पानी भरा मिला। अंदर जाने के लिए लोगों ने शौचालय में ईंटें बिछाई हुई हैं। सेक्टर पांच, सात और 13 की मार्केट में एसबीआई, पीएनबी, और इलाहाबाद जैसे कई बैंक, शॉपिंग कांप्लेक्स, जिम और हर मार्केट में करीब 100 से अधिक दुकानें हैं, बावजूद इसके सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बद से बदतर है।
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शरारती तत्व करते हैं शौचालय में तोड़ फोड़
सेक्टर 5 की मार्केट में स्थित वर्मा केमिस्ट संचालक उमेश का कहना है कि पूरी मार्केट में एससीओ सहित करीब 80 दुकानें हैं और एक सार्वजनिक शौचालय है। इसकी सफाई भी कर्मचारियों पर दबाव बनाकर कराई जाती है। शरारती तत्वों ने शौचालय में लगी यूरिन और वाशबेसिन को तोड़ दिया था।
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दिनभर आती है दुर्गंध
सेक्टर 7 की मार्केट में ज्योति ड्राई क्लीनर्ज के संचालक पवन कुमार का कहना है कि उनकी दुकान के पास में शौचालय की सफाई न होने की वजह से सारा दिन तीव्र दुर्गंध आती रहती है, जिस वजह से दुकान पर बैठ पाना मुश्किल हो गया है। इनकी सफाई पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
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सीएम विंडो तक लगा चुके गुहार
सेक्टर 13 की मार्केट में स्थित बुक स्टोर संचालक प्रदीप का कहना है कि यहां के शौचालयों की सफाई व्यवस्था व बदहाली को लेकर सभी दुकानदार परेशान हैं। वे नगर परिषद से लेकर सीएम विंडो और अनिल विज तक को शिकायत दे चुके हैं, आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
काफी समय से शौचालय बंद ही पड़ा
सेक्टर-17 की मार्केट में हरविंद्र ने बताया कि वह यहां शोरूम पर काम करता है। काफी समय से शौचालय की सफाई नहीं हो रही, जिस से शौचालय के बाहर से ही दुर्गंध आती है। इसी वजह से वह पिछले काफी समय से साथ लगते मॉल में जाकर शौचालय का प्रयोग कर रहा है।
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डेढ़ साल से अटका सफाई कर्मियों का ठेका
सेक्टर-17 वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान दिनेश चंद्र का कहना है कि पिछले डेढ़ साल से सफाई कर्मचारियों का ठेका अटका हुआ है, जिसकी वजह से शौचालयों की सफाई नहीं हो पा रही है। इस मामले को लेकर वे एचएसवीपी के अधिकारियों से दो बार मिल भी चुके हैं। हर बार आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अब तक ठेका नहीं हो पाया है।
बैंकों से टाइअप कर कराया समाधान
मंगलवार को ही डीएमसी ने मीटिंग लेकर यूनियन व एचडीएफसी बैंकों से टाइअप किया है। अब सार्वजनिक शौचालयों की सफाई का जिम्मा बैंकों का होगा। पिछला टेंडर जुलाई 2021 में समाप्त हो गया था और आगे के लिए नया टेंडर जल्द ही दिया जाएगा।
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बलबीर सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
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