कुरुक्षेत्र में नेशनल हाईवे पर गांव धंतौड़ी के पास हुए हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। ये दोनों डीटीपी पानीपत कार्यालय में कार्यरत थे और कनाडा से आए अपने दोस्त को छोड़ने चंडीगढ़ गए थे। वापस लौटते समय हादसे का शिकार हो गए। मृतक एक युवक करनाल का तो दूसरा पानीपत का रहने वाला है।
जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह सात बजे गांव धंतौड़ी के पास अज्ञात वाहन ने स्विफ्ट कार को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे कार असंतुलित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस हादसे में कार में सवार दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक युवकों की पहचान नीरज कुमार (25) पुत्र शिव कुमार निवासी गांव हल्दाना, जिला पानीपत और सोहन (29) पुत्र जयभगवान निवासी गांव प्योंत, जिला करनाल के रूप में हुई है।
दोनों युवक तड़के 5.30 बजे चंडीगढ़ से पानीपत के लिए निकले थे, इसी बीच यह हादसा हो गया। कार भी डिवाइडर से टकराकर बुरी तरह से क्षतिग्र्रस्त हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही हेल्पर्स के प्रधान तिलक राज अग्रवाल, पार्षद अमृतपाल और उनकी टीम मौके पर पहुंची और मशक्कत के साथ शवों को कार से बाहर निकाला गया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
दोनों युवक पानीपत डीटीपी कार्यालय में थे कार्यरत
बताया जा रहा है कि सोहन व नीरज दोस्त थे और दोनों ही पानीपत जिला योजनाकार कार्यालय में कौशल रोजगार निगम के तहत ग्रुप-डी की पोस्ट पर कार्यरत थे। रिश्तेदारों ने बताया कि यह दोनों नौकरी से पहले भी एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे। लेकिन यह किसी ने नहीं सोचा था कि दोनों दोस्त एक साथ दुनिया छोड़ जाएंगे।
दोस्त को दिल्ली एयरपोर्ट से छोड़ने गये थे चंडीगढ़
सोहन के स्कूल का दोस्त चार वर्ष बाद कनाडा से वापस भारत लौटा था। इसलिए मंगलवार को सोहन व नीरज दिल्ली एयरपोर्ट से उसे लेकर चंडीगढ़ उसके घर पर छोड़ने गये थे। बुधवार को सुबह साढ़े पांच बजे दोनों चंडीगढ़ से पानीपत के लिए निकले थे। नीरज के पिता शिव कुमार ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं और बड़ी मशक्क्त के बाद उसके पुत्र को अब नौकरी मिली थी।
नीरज के परिवार में माता-पिता के अलावा विवाहित बड़ा भाई और दो विवाहित बहन है। सोहन के परिवार के लोगों ने बताया कि उसके परिवार में पिता जय भगवान के अलावा सोहन की दादी, माता, एक विवाहित भाई और एक बड़ी विवाहित बहन है। परिवार में दोनों की मौत की सूचना से मातम पसरा है।