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कल प्राची वशिष्ठ, स्थाणेश्वर, सर्वेश्वर व संगमेश्वर महादेव मंदिर के महंतों से ऑनलाइन जुड़ेंगे पीएम

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केदारनाथ में शुक्रवार को आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि व प्रतिमा के लोकार्पण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐतिहासिक मंदिरों महंत व संतों से ऑनलाइन वार्तालाप करेंगे। इसमें जिलेभर से चार मंदिर स्थाणेश्वर महादेव मंदिर, ब्रह्मसरोवर स्थित सर्वेश्वर महादेव मंदिर, प्राची वशिष्ठ महादेव मंदिर सहित श्री संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय के महंत व अन्य संत शामिल होंगे। इस कार्यक्रम से पूर्व इन पौराणिक मंदिरों में भगवान शिव का पूरे विधि विधान से रुद्राभिषेक किया जाएगा। स्थाणेश्वर महादेव मंदिर में यह कार्यक्रम महंत बंसी पुरी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के संबंध में बुधवार को संत समाज ने विधायक सुभाष सुधा से उनके आवास कार्यालय पर मुलाकात की।
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विधायक सुधा ने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री सीएम मनोहर लाल 5 नवंबर को ऑनलाइन प्रणाली से कुरुक्षेत्र 48 कोस के धार्मिक स्थलों से जुड़ेंगे। इसके लिए सभी तीर्थों पर व्यवस्था की जाएगी ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद सभी संत समाज के लोग और श्रद्धालु सुन सकें। उन्होंने कुरुक्षेत्र के इतिहास में पहली बार इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले पिहोवा से संत बाबा मान सिंह और अन्य संतों से 5 नवंबर के कार्यक्रम को लेकर चर्चा की। इस कार्यक्रम में 48 कोस के तीर्थों के साथ हरियाणा प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों का भ्रमण करने के लिए संत समाज के महान लोग भी धर्मनगरी कुरुक्षेत्र पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्व प्रसिद्ध धर्मनगरी है। इसके कण-कण में इतिहास और पौराणिक कथाएं छिपी हुई है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के उपदेश भी कुरुक्षेत्र में दिए, जो आज भी पूर्णतया प्रासंगिक हैं। यह महाभारत काल से भी पहले थानेसर नगर स्थाणु तीर्थ की वजह से विख्यात रही है। विभिन्न शास्त्रों के मुताबिक सबसे पहले धरती पर स्थाणु तीर्थ पर ही शिवलिंग की स्थापना और पूजा हुई थी। बताया जाता है कि भगवान ब्रह्मा ने खुद यहां पर शिवलिंग को स्थापित किया था। तंत्र शास्त्रों में भी इसका उल्लेख मिलता है।
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