फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खतरनाक हुआ पिपली से थर्ड गेट तक का सफर

विज्ञापन
सेक्टर दो-तीन के मोड़ पर सड़क में पड़े गड्ढे से गुजरती कार। संवाद - फोटो : Kurukshetra
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। पिछले तीन साल से लोगों के लिए सिरदर्द बना पिपली से थर्डगेट तक का सफर अब और भी ज्यादा खतरनाक हो गया है। पिछले तीन दिन लगातार हुई बारिश के कारण जगह-जगह पड़े गड्ढे और भी ज्यादा गहरे हो गए हैं और कई जगह लगाए गए पैच भी उखड़ चुके हैं। 10-10 मीटर के हिस्से में 30-30 गड्ढे हर पल हादसों को न्योता दे रहे हैं।
कई लोगों ने तंग आकर इस सड़क पर सफर करना ही बंद कर दिया है। वे इस सड़क पर खुद को चोटिल करने की बजाए दूसरी सड़क से दो किलोमीटर ज्यादा का सफर तय करने को तैयार हैं। सड़क पर सेक्टर 2-3 का कट, नया बस अड्डा और अग्रसेन चौक पर हालात इतनी ज्यादा खराब है कि कोई वाहन यहां से गुजर जाए तो उसका कोई न कोई नुकसान होने की 99 प्रतिशत संभावना रहती है।
विज्ञापन

सेक्टर 2-3 के कट के पास सड़क पर करीब एक-एक फुट गहरे गड्ढे हो चुके हैं जहां चार पहिया वाहन इन गड्ढों में बजकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, वहीं दो पहिया वाहन चालक इनमें गिर कर चोटिल हो रहे हैं। इस जगह करीब 30 गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी जमा है और वे दिखाई नहीं दे रहे।
सड़क का निर्माण कार्य पिछले करीब दो माह से रुका हुआ है। 31 दिसंबर को निर्माण कंपनी का ठेका रद्द होने के बाद नया टेंडर अभी तक नहीं लग पाया है। वहीं जिस कंपनी का ठेका रद्द किया गया उसके संचालक पीडब्ल्यूडी के खिलाफ हाईकोर्ट तक जा चुके हैं। हाईकोर्ट के बाद मामले की सुनवाई विभाग के चीफ इंजीनियर कर रहे हैं। अब तक पहुई पांच सुनवाई में ठेका कंपनी की ओर से कोई भी पेश नहीं हुआ, जिसके चलते अब छठी सुनवाई 27 जनवरी को होगी। ठेका रद्द होने के बाद फिलहाल पीडब्ल्यूडी भी सड़क की ओर ध्यान देना भूल चुका है।
दीपक सिंगला ने कहा कि ठेकेदार और विभाग की आपसी खींचतान से जनता काफी परेशान है। पहले पीडब्ल्यूडी ने निर्माण कंपनी का ठेका रद्द कर दिया। कंपनी भी ठेका रद्द करने के खिलाफ खड़ी हो गई है। अब निर्माण कार्य ठप पड़ा है। आए दिन सड़क पर हादसे हो रहे हैं इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा हे।
सचिन कौशिक ने बताया कि पिछले तीन साल से सड़क की हालत खराब है। हर बार सोचते हैं कि इस साल तो सड़क बन जाएगी, लेकिन देखते-देखते पूरा साल निकल जाता है। हादसे के डर से इस सड़क पर सफर करना ही बंद कर दिया है। बेशक दूसरा रास्ता थोड़ा लंबा पड़ता है लेकिन वह सुरक्षित है।
शहरवासी पवन ने कहा कि बार-बार सड़क का निर्माण कर रही कंपनियों के ठेके रद्द किए जा रहे हैं। प्रशासन आखिर सड़क बनाने के लिए सिर्फ निजी कंपनियों पर ही क्यों आधारित है। लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ से लेकर वरिष्ठ अभियंता हैं और उनका अच्छा अनुभव भी है। सड़क का निर्माण विभाग से ही क्यों नहीं कराया जाता।
विज्ञापन

बारिश के कारण नहीं हो पाई मरम्मत : एक्सईएन
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अरुण भाटिया ने कहा कि बारिश के कारण सड़क मरम्मत नहीं हो पाई थी। अब बारिश थम गई है। सड़क की मरम्मत का काम मंगलवार से शुरू कर दिया जाएगा। जब तक सड़क के टेंडर को लेकर कोई फैसला नहीं होता लोगों को इस सड़क के कारण कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

मोहन नगर चौक के पास सड़क में पड़े गड्ढे और गुजरते वाहन। संवाद- फोटो : Kurukshetra

नए बस अड्डे के बाहर टूटी सड़क से गुजरते वाहन। संवाद- फोटो : Kurukshetra

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें