सड़कों व गलियों के निर्माण के लिए सरकार सरकार की तरफ से कई माह पहले बजट के साथ-साथ प्रशासनिक अनुमति मिलने के बावजूद भी नगर परिषद द्वारा टेंडर नहीं लगाए जा रहे हैं, जिस कारण शहर के कई विकास कार्य शुरू ही नहीं हो पा रहे हैं। जिसके चलते शहर की सड़कों की बदहाल हालत और कॉलोनियों की गलियों की खस्ता हालत आमजन के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। टेंडर न लगने से नाराज होकर विधायक सुभाष सुधा ने सोमवार को नगर परिषद के अधिकारियों पर खूब सख्ती दिखाई। उन्होंने इस कार्य में देरी करने पर नप अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें सख्त चेतावनी भी दी। विधायक ने कहा कि जल्द से जल्द अधिकारी टेंडर लगाकर काम शुरू कर दें और जरा सी भी लापरवाही पाई गई तो उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
विधायक सुभाष सुधा सोमवार को सर्किट हाउस में नगर परिषद के अधिकारियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से शहर में चल रहे विकास कार्यों, बरसाती पानी की निकासी तथा लंबित पड़े कार्यों की चर्चा की है। विधायक ने कहा कि नगर परिषद के अधिकारी जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी करके विभिन्न सेक्टरों की गलियों और सड़कों के निर्माण कार्य को शुरू करने का काम करें। इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के अधिकारी शहर की सफाई व्यवस्था पर भी पूरा फोकस रखें। सभी अधिकारियों को आपसी तालमेल और पूरी ईमानदारी के साथ काम करना चाहिए ताकि शहर विकास की तरफ आगे बढ़ सके। इस मौके पर लेखा अधिकारी मनोज कुमार, एक्सईन सुरेंद्र कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विधायक ने कहा कि बरसातों का सीजन शुरू हो चुका है। इस सीजन के दौरान शहर में पानी निकासी को लेकर जो विकास कार्य चल रहे हैं। इन सभी विकास कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इस मानसून में कहीं पर भी निकासी से संबंधित समस्या नहीं आनी चाहिए। जहां कहीं कोई समस्या आई तो संबंधित अधिकारी कार्रवाई के लिए तैयार रहे।
बेशक नगर परिषद के अधिकारी निकासी के प्रबंधों का लगातार दावा कर रहे हैं, लेकिन मानसून की बारिश में फिर से ये दावे बह सकते हैं। इसका कारण शहर के कई नाले नालियों की अभी भी ठीक ढंग से सफाई न होना है। फिलहाल मानसून इतना ज्यादा बरसा नहीं है, लेकिन अब तक जितनी भी बारिश हुई है उससे भी लोगों को कई जगह जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा है।