Technical fault in vande Bharat Express train
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। भारतीय रेल के ड्रीम प्रोजेक्ट हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन का पहिया आरडीएस में तकनीकी खराबी के चलते कुरुक्षेत्र के डोडा खेड़ी और धीरपुर के बीच रेलवे ट्रैक पर थम गया। बता दें कि सोमवार को सुबह छह बजे वंदे मातरम हाई स्पीड ट्रेन दिल्ली से कटरा के लिये रवाना हुई थी। इस ट्रेन के सफल ट्रायल के बाद यह ट्रेन मंगलवार को वापस दिल्ली लौट रही थी। जैसे ही यह ट्रेन कुरुक्षेत्र के शाहाबाद से आगे दिल्ली की रफ्तार पकड़ रही थी, इसी बीच ट्रेन के आरडीएस में तकनीकी बाधा आई थी।
बताया गया है कि आरडीएस का उपयोग ट्रैक की रीडिंग लेने के लिये होता है। मगर रास्ते में किसी उपकरण में तकनीकी बाधा आने के चलते यह इस हाई स्पीड ट्रेन की स्पीड रीडिंग में रुकावट आ गई थी। इसकी वजह से करीब 15 से 20 मिनट तक इस हाई स्पीड ट्रेन को रोकना पड़ा। हालांकि कुरुक्षेत्र रेलवे के अधिकारी वंदे भारत के रुकने का कारण रेलवे फाटक पर सिग्नल में खराबी को बता रहे हैं। बता दें कि देश में निर्मित पहली हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत का दिल्ली से कटरा ट्रायल के दौरान मंगलवार को वापस लौट रही थी। गांव डोडा खेड़ी के रेलवे फाटक पर अचानक सिग्नल खराब होने की वजह से 15 मिनट खड़ी रही। ट्रेन ट्रायल के लिए सोमवार दिल्ली से कुरुक्षेत्र होते हुए कटरा के लिए रवाना हुई थी, मंगलवार कटरा से वापस आते हुए तकरीबन एक बजकर दस मिनट पर डोडा खेड़ी रेलवे फाटक का सिग्नल खराब होने की वजह से ट्रेन को रोकना पड़ा था।
स्टेशन अधीक्षक एसएन गुप्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेन अभी ट्रायल पर है, सिग्नल खराब होने की वजह से कुछ समय के लिए ट्रेन को डोडा खेड़ी फाटक पर रोका गया। सिग्नल ठीक होते ही ट्रेन को रवाना कर दिया गया। सुविधाओं से लैस है वंदे भारत ट्रेन एग्जक्यूटिव कोच भी है, जिससे मूवएबल चेयर व प्रत्येक चेयर के साथ चार्जर प्वाइंट की सुविधा का प्रबंध किया गया हैै। इस ट्रेन का सबसे बड़ा फायदा माता वैष्णो देवी के दर्शनों को जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा। बताया गया है कि वंदे भारत ट्रेन शुरुआती दौर में 130 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से दौड़ेगी लेकिन इस ट्रेन को प्रति घंटा 200 की गति के लिये डिजाइन किया गया है। देश के कई मुख्य रूट पर चलने के लिये तैयार की गई वंदे भारत ट्रेन सुविधाओं के लिहाज से काफी हाईटेक मानी जा रही है। वंदे भारत ट्रेन में दिव्यांग के लिए भी अलग से कोच की व्यवस्था होगी। कोच में वाईफाई, यात्रियों के बैठने के लिये सीटें आधुनिक सुविधाओं से लैस होने के साथ ट्रेन शौचालय भी आधुनिक सुविधाओं से लैस है।