संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। आयुष विश्वविद्यालय के श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय में आयुर्वेद के सभी विषयों में इसी सत्र से स्नातकोत्तर की पढ़ाई शुरू होने से बीएएमएस पास कर चुके विद्यार्थी खुश हैं। वहीं एमडी की अपनी पसंदीदा विषय में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। विद्यार्थी दाखिला होने व न होने को लेकर अभी संशय में हैं।
कुछ विद्यार्थी ऐसे हैं जो अच्छा रैंक हासिल करके भी अपने पसंदीदा सीट पर दाखिला मिलने को लेकर संशय में हैं। अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में मंगलवार को प्रदेशभर से दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थियों ने विचार साझा किए। विद्यार्थियों का कहना है कि हरियाणा के विद्यार्थियों को इस सत्र में सबसे बड़ी सौगात मिली है, क्योंकि यहां के विद्यार्थियों को एमडी की पढ़ाई करने के लिए दूसरे राज्यों रुख करना पड़ता था। कुरुक्षेत्र के आयुर्वेदिक कॉलेज में आयुर्वेद के सभी विषयों में एमडी शुरू होने पर सभी विद्यार्थी खुद को भाग्यशाली मान रहे हैं।
डॉ. अनिल यादव ने बताया कि उन्होंने पिछले साल ही चरखी दादरी स्थित आयुर्वेदिक महाविद्यालय से बीएएमएस उर्त्तीण की है। उनकी इच्छा है कि वह श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय से ही आयुर्वेद के अच्छे विषय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करें। उनका ऑल इंडिया में 1140 वां रैंक है और उन्हें उम्मीद है कि उनका दाखिला हो जाएगा।
सोनीपत वासी डॉ. सन्नी कुमार का कहना है कि श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय में आयुर्वेद के सभी विषयों में आना सबसे बड़ी सौगात है। उन्होंने भी यहीं से बीएएमएस की पढ़ाई उर्त्तीण करके एमडी के लिए प्रवेश परीक्षा दी थी। उनका ऑल इंडिया में 3600 रैंक आया है। वे इसी महाविद्यालय में काया चिकित्सा और पंचकर्म से एमडी की पढ़ाई करना चाहते हैं।
आयुर्वेद के रस शास्त्र विषय में एमडी करने के लिए प्रयास कर रही हूं। यह कहना है कुरुक्षेत्र के ज्योति नगर वासी डॉ. प्रियंका सैनी का। उनका ऑल इंडिया में 1757 वा रैंक है, लेकिन वह अपने पसंदीदा विषय में दाखिला लेने के लिए ऑल इंडिया के साथ स्टेट काउंसलिंग में हिस्सा ले रही है। उन्होंने बिलासपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री आयुर्वेदिक महाविद्यालय के बीएएमएस पास किया है।
गुरुग्राम वासी डॉ. ज्योति ने बताया कि उनका ऑल इंडिया में 441 वां और स्टेट में सातवां रैंक आया है। वह राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज कुरुक्षेत्र से गायनी में एमडी करना चाहती हैं, लेकिन उन्हें पहली काउंसलिंग में कौमारभृत्य दिया गया है। आयुर्वेदिक कॉलेज कुरुक्षेत्र में आयुर्वेद के सभी विषयों में एमडी आ गई है, लेकिन ऑल इंडिया काउंसलिंग के दूसरे राउंड में दिखाई नहीं गई।
रोहतक वासी डॉ. नेहा का कहना है कि गायनी और काया चिकित्सा में एमडी करना उनकी प्राथमिकता है। काउंसलिंग के पहले राउंड में उन्हें श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में कौमारभृत्य में सीट मिली है, लेकिन वह गायनी व काया चिकित्सा में दाखिले के लिए दूसरे राउंड में हिस्सा लेंगी। उनका ऑल इंडिया में 1391 वां रैंक है। उम्मीद है कि पसंदीदा विषय में दाखिला हो जाएगा।
गुरुग्राम वासी डॉ. टीना का कहना है कि उन्होंने ऑल इंडिया में इस बार 2286 रैंक हासिल किया है। उनकी इच्छा है कि किसी क्लीनिकल सीट पर उनका दाखिला हो, लेकिन अभी संशय बना हुआ है। कुरुक्षेत्र आयुर्वेदिक कॉलेज में आयुर्वेद के सभी विषयों में एमडी आने के बाद हरियाणा के विद्यार्थियों को काफी फायदा हुआ है। दूसरे राज्यों के कॉलेज में फीस ज्यादा देनी पड़ती है।