संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। देश के पहले श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की आस जगी है। हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव संजीव कौशल की अध्यक्षता में हुई बैठक में 500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले भवन के निर्माण के लिए कार्यकारी एजेंसी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। यह एजेंसी विश्वविद्यालय के लिए प्लानिंग, डिजाइन, निर्माण कार्य, फर्नीचर, उपकरण, सूचना प्रौद्योगिकी व्यवस्था और रखरखाव का कार्य करेगी।
आयुष विभाग के महानिदेशक डॉ. साकेत कुमार ने प्रदेश सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति के सामने विश्वविद्यालय की कार्य योजना बताई। मुख्य सचिव संजीव कौशल की अध्यक्षता में गठित इस समिति के सदस्य अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त आयुक्त पीके दास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवी एसएन प्रसाद, जन स्वास्थ्य व्यापम एवं अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह बैठक में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय 102 एकड़ भूमि पर बनाया बनना है, जिसमें आयुष के अंतर्गत आने वाली सभी पांच चिकित्सा पद्धतियों आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, युनानी, सिद्धा व होम्योपैथी में स्नातकोत्तर शिक्षण कराया जाएगा।
इन सभी चिकित्सा पद्धतियों के अस्पताल भी बनेंगे। आयुर्वेद का 300 बिस्तरों का अस्पताल, युनानी के लिए 175 बिस्तर, सिद्धा 175, होम्योपैथी 75, योग व प्राकृतिक चिकित्सा के लिए 30 बिस्तरों का अस्पताल बनेगा। यह जानकारी कुलसचिव डॉ. नरेश भार्गव ने दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं भावी चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे जन सेवा एवं कल्याण की भावना से समर्पित हो कर कार्य करें। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय देश का पहला विश्वविद्यालय होगा।