फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरेंद्र पालड को मिला अर्जुन अवार्ड, टीवी आगे बैठा रहा परिवार

विज्ञापन
विज्ञापन
ओलंपियन सुरेंद्र पालड को राष्ट्रपति के हाथों शनिवार को अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया। सुरेंद्र की इस उपलब्धि से जिलेभर में खुशी का माहौल बना रहा। सेक्टर आठ स्थित उनके आवास पर परिजनों को बधाई देने के लिए लोग पहुंचते रहे। पिता मलखान सिंह, सुरेंद्र की पत्नी गरिमा, माता निलम, भाई नरेंद्र और भाभी सभी सुरेंद्र को अर्जुन अवार्ड मिलता देखने के लिए टीवी के आगे डटे रहे। पिता मलखान ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अपने पुत्र पर गर्व है। अर्जुन अवार्ड मिला इस बात की बहुत खुशी है अब खेल रत्न का इंतजार है। बेशक सुरेंद्र को इसके लिए और ज्यादा मेहनत करनी होगी, लेकिन एक दिन खेल रत्न भी सुरेंद्र के नाम होगा। बताया कि अर्जुन अवार्ड के लिए सुरेंद्र शुक्रवार को अकेला ही दिल्ली गया। बेटे के वापिस आने पर जोरदार स्वागत करेंगे।
विज्ञापन

बता दें कि सुरेंद्र ने वर्ष 2004 में हॉकी थामी थी। 6 साल की उम्र में सुरेंद्र ने मई 2010 में राई में स्कूल नेशनल-19 वर्ष से कम आयु वर्ग की प्रतियोगिता में भाग लिया। अपनी पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार खेल का प्रदर्शन किया और प्रतियोगिता जीतने में अहम भूमिका निभाई। 2011 में जूनियर नेशनल गेम के लिए हरियाणा की टीम में चयन हुआ।पुणे में हुई इस जूनियर चैंपियनशिप में हरियाणा की तरफ से खेलते हुए सुरेंद्र पालड़ ने शानदार प्रदर्शन किया था। इस प्रतियोगिता को जीतकर हरियाणा ने पिछले 50 साल के रिकॉर्ड को तोड़ा था। इसके बाद 3 से 13 मई 2013 में मलेशिया में हुई जूनियर हॉकी चैंपियनशिप में सुरेंद्र ने भारतीय टीम की तरफ से खेलते टूर्नामेंट में भारत को कांस्य पदक मिला। वर्ष 2013 में ही सुरेंद्र ने हॉलैंड व बेल्जियम में जूनियर भारतीय हॉकी टीम की तरफ से टेस्ट सीरीज खेली। मलेशिया में जूनियर टीम ने जौहर कप जीतने में अहम भूमिका निभाई। 6 से 15 दिसंबर 2013 को दिल्ली में हुए जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिला। जून 2013 में भारतीय हॉकी टीम में चुने गए। आगे सुरेंद्र ने अपने नाम कई सारे कीर्तिमान दर्ज किए। 2017 में एशिया कप में स्वर्ण, 2018 में एशियन गेम्स में कांस्य, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2016, 2018 में स्वर्ण, चैंपियंस ट्रॉफी 2016, और 2018 में रजत पदक जीतने के बाद वो ओलंपिक के लिए दूसरी बार जगह बनाने में सफल रहे और कांस्य पदक भारत की झोली में डाला।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें