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स्कूल बंद करने पड़े महंगे, डीईओ ने पत्र जारी कर दो दिन में निजी स्कूलों से मांगा स्पष्टीकरण

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कुरुक्षेत्र। पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन पर जिला शिक्षा अधिकारी ने संज्ञान लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने दो दिन के भीतर जिलेभर के उन सभी निजी स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा है, जिन्होंने 25 अप्रैल को स्कूलों को असंवैधानिक एवं गैर-कानूनी तरीके से बंद किया था। पत्र में स्कूल बंद करने को हरियाणा स्कूल एजूकेशन रूल 2003 के नियम 43 व 191ए का उल्लंघन बताया गया है।
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निजी स्कूलों पर मनमानी का आरोप लगा पेरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूलों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद विरोध स्वरूप निजी स्कूल संचालकों ने 25 अप्रैल को स्कूलों को बंद रखने का एलान किया था। पेरेंट्स एसोसिएशन प्रधान जेपी सैनी ने बताया कि 25 अप्रैल को निजी स्कूलों ने बिना सरकारी छुट्टी के बंद किया गया था, जिसके विरोध में एसोसिएशन एवं अभिभावकों ने जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ज्ञापन व शिकायत सौंपी थी। पेरेंट्स एसोसिएशन के महासचिव मयंक बजाज ने कहा कि इससे पहले अभिभावकों की ओर से जिला प्रशासन को निजी स्कूलों द्वारा अवैध फीस वृद्धि करने एवं एनुअल चार्ज को फीस में जोड़ने के मुद्दे पर शिकायत दी थी। साथ ही आरोप लगाया था कि निजी स्कूलों ने नए फॉर्म छह में फर्जीवाड़ा किया है, जिसकी जांच की जानी चाहिए।
किस अधिकारी की अनुमति से किया गया अवकाश
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में निजी स्कूलों के मुख्य अध्यापकों एवं प्रधानाचार्यों से पूछा गया है कि किस अधिकारी की अनुमति से उन्होंने निजी स्कूल में अवकाश घोषित कर उसे बंद किया। उन्होंने संबंधित पत्र और दस्तावेज की प्रति तलब की है।
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साथ ही अवकाश के दौरान बच्चों की पढ़ाई और अन्य संसाधनों की क्षति की प्रतिपूर्ति करने के लिए निर्देशित किया है।
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