धीरे-धीरे कोरोना संक्रमण का प्रकोप कम होने के बाद स्कूल व कॉलेजों सहित तमाम शिक्षण संस्थान खोले जा चुके हैं लेकिन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को खोलने के लिए फिलहाल सरकार के आदेशों का इंतजार है।
विश्वविद्यालय के विभिन्न छात्र संगठन भी केयू प्रशासन और हरियाणा के राज्यपाल एवं विवि के कुलाधिपति के नाम ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय परिसर खोलने की मांग उठा चुके हैं। हालांकि सरकार की ओर से पिछले दिनों एक पत्र जारी में कोरोना की सामान्य स्थिति होने पर 16 अक्तूबर से प्रदेशभर के सभी विश्वविद्यालय खोलने की बात कही गई थी लेकिन अभी विश्वविद्यालय प्रशासन को ऑफलाइन कक्षाओं के लिए कैंपस खोलने के लिए कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। कक्षाएं सुचारू होने पर सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन किया जाएगा।
विद्यार्थियों की जल्द कैंपस खोलने की मांग
मालूम हो कि मार्च 2020 में कोरोना महामारी की दस्तक के बाद से देशभर में लागू लॉकडाउन के साथ सभी शिक्षण संस्थान भी पूर्णत: बंद कर दिए थे लेकिन हालात धीरे-धीरे सुधरने के बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को शोधार्थियों के लिए खोल दिया गया था लेकिन विभिन्न पाठ्यक्रमों के हजारों विद्यार्थी तभी से ऑनलाइन मोड में पढ़ाई कर रहे हैं। इनसो, एनएसयूआई, डास्फी, एसएफआई सहित अन्य छात्र संगठनों का कहना है कि विद्यार्थियों की भी यह मांग है कि जल्द से जल्द विश्वविद्यालय कैंपस खोला जाए, ताकि ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान आ रही समस्याओं से निजात मिल सके।
डास्फी ने 15 अक्तूबर तक का दिया समय
डास्फी के कैंपस अध्यक्ष पिंटू सिंगला का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द केयू कैंपस खोलना चाहिए। कहा कि डास्फी सिर्फ आगामी 15 अक्तूबर तक विश्वविद्यालय खुलने का इंतजार करेगा, उसके बाद कैंपस नहीं खुला तो संगठन विवि प्रशासन से मुलाकात करेगा।
छात्र बोले- मानसिक तनाव से ग्रस्त हो चुके हैं
अर्थशास्त्र विभाग से एमए अंतिम वर्ष के छात्र नवीन का कहना है कि पिछले दो वर्षों से घर पर ही रहने की वजह से विद्यार्थी मानसिक तनाव से ग्रस्त हो चुके हैं। ऑफलाइन कक्षाएं न हो पाने के कारण अपने जूनियर और सीनियरों से जान पहचान तक नहीं बन पाई।
बीएड अंतिम वर्ष के छात्र संदीप ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी कक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में संचालित करनी चाहिए। इसके पीछे उनका तर्क है कि केयू प्रशासन केवल उन्हीं छात्रों को हॉस्टल देगा, जिन्होंने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगवाई हो, ऐसे में जिन छात्रों की दूसरी डोज बाकी है, वे तब तक ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इसके अलावा ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद प्रैक्टिकल विषयों की पढ़ाई अच्छे से हो सकेगी।
आईआईएचएस से बीए अंतिम वर्ष के छात्र अमन टांक का कहना है कि ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने का उन्हें बेसब्री से इंतजार है। ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान एक ओर जहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या ज्यादा रहती है, वहीं घर पर पढ़ाई का माहौल भी नहीं बन पाता। केयू प्रशासन को जल्द से जल्द ऑफलाइन कक्षाओं के साथ साथ हॉस्टल भी खोल देने चाहिए।
केयू के लोक संपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. दीपक राय बब्बर ने बताया किया प्रशासन की पूरी तैयारी है, बस पत्र का इंतजार है। जैसे ही पत्र आएगा कैंपस को ऑफलाइन कक्षाओं के लिए खोल दिया जाएगा।