संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अब तक गोताखोर प्रगट सिंह 1800 से अधिक लोगों का जीवन बचा चुके हैं। दबखेड़ी गांव के इस युवक को जिला, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर 315 सम्मान मिल चुके हैं। लॉकडाउन के दौरान भी प्रगट सिंह ने अपना काम बखूबी निभाया।
उनका कहना है कि किसी की जिंदगी बचाने से बड़ा सुख कोई नहीं है। भगवान ने उनको इस काबिल बनाया है कि वह लोगों की जिंदगी बचाने का काम कर रहे हैं। अब गोताखोर प्रगट सिंह की प्रेरणा से उनके साथी नरेंद्र, सिंदर व अन्य सदस्य भी लोगों को जिंदगी बचाने का काम कर रहे हैं।
गोताखोर सिंह ने बताया कि अब तक वह 12 हजार से ज्यादा लोगों के शव निकाल चुके हैं। इनमें तीन माह के बच्चे का शव भी शामिल है, लेकिन करीब दो साल पहले हुए मोनू हत्याकांड ने उनको विचलित कर दिया था। मोनू का शव नरवाना ब्रांच नहर से टुकड़ों में बरामद हुआ था। मोनू के दोस्तों ने उसकी हत्या करके शव के आठ टुकड़े करके नहर में फेंक दिया था। 17 दिन में उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर मोनू के शव के टुकड़ों को बाहर निकाला था। इस घटना ने उनको अंदर तक विचलित कर दिया था।
उन्होंने बताया कि वह 19 साल से नहरों से शव निकालने का काम कर रहे हैं। वह अंबाला से दिल्ली बॉर्डर, उत्तराखंड तक शव निकालने के लिए जाते है। लॉकडाउन के 45 दिन के अंदर उन्होंने नहर से 26 शव निकाले थे। इसके अलावा वह 13 मगरमच्छों को भी पकड़कर वन्य जीव जंतु एवं प्राणी विहार विभाग के हवाले कर चुके हैं।