संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पहले पहले दिन सोमवार को जिले में खासा असर रहा। संगठन अपनी हड़ताल को सफल बनाने के लिए प्रयासरत रहे, वहीं प्रशासन उनकी हड़ताल को असफल करने के लिए रणनीति बनाता रहा। वही रोडवेज बसों के चक्के थमे रहे। इससे अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्री वाहनों की तलाश में धक्के खाते रहे।
पहले ही दिन जिलाधीश मुकुल कुमार ने कुरुक्षेत्र बस डिपो के नए व पुराने बस अड्डे, पिहोवा बस अड्डे के आसपास धारा 144 लगा दी, मगर इसका असर देखने को नहीं मिला। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर रोडवेज में देखने को मिला। इससे निपटने के लिए रोडवेज महाप्रबंधक ने एक योजना बनाई है। योजना के अनुसार होमगार्ड के जवानों को परिचालक का काम सौंपा जाएगा। वहीं किलोमीटर स्कीम के तहत लगे चालक बसों के स्टेरिंग संभालेंगे।
रोडवेज से संबंधित नौ संगठन ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन, हरियाणा रोडवेज जागृति मंच, रोडवेज कर्मचारी महासंघ, क्लर्क स्टाफ एसोसिएशन, हरियाणा रोडवेज चालक संघ, सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित, हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन (इंटक), भारतीय मजदूर संघ से संबंधित तथा ऑल हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
रोडवेज का चक्का जाम होने से यात्री इधर-उधर भटकते दिखे। हालांकि सहकारी समिति की बसें ने हड़ताल का खूब फायदा उठाया। बस अड्डा परिसर के अलावा मुख्य डाकघर, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कुलपति कार्यालय के समक्ष, क्रांति पार्क, नगर परिषद थानेसर, पिहोवा में बस अड्डा, शाहाबाद के फायर स्टेशन, लाडवा नगर पालिका में अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की।
रोडवेज संगठनों की ओर से दावा किया गया कि सुबह के समय कुछ कर्मचारियों ने बसों को अड्डा परिसर से निकाला था, मगर वे दोपहर तक लौट आए थे। किलोमीटर स्कीम की 15 बसों के अलावा पांच बसें चलाई गई थी। दोपहर के बाद सिर्फ पांच बसें ही अपने रूट पर चली, जो किलोमीटर स्कीम की बसें थीं।
वहीं रोडवेज महाप्रबंधक अशोक मुंजाल ने बताया कि कुरुक्षेत्र डिपो और पिहोवा सब डिपो से कुल 68 बसें चलाई गई है। इनमें किलोमीटर स्कीम की सभी 16 बसें शामिल है। मंगलवार को सभी बसें चलाई जाएगी। होमगार्ड के जवान बसों में टिकट काटने का काम करेंगे और आउटसोर्सिंग के तहत विभाग में काम करने वाले कर्मी बसें चलाएंगे। बताया कि हड़ताल में शामिल कर्मियों की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। उनके निर्देश पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
ऑटो में देना पड़ा दोगुना किराया : रघुबीर
यात्री रघुबीर सिंह वासी कैथल ने बताया कि उसे किसी जरूरी काम के लिए कुरुक्षेत्र आना था, लेकिन रोडवेज का चक्का जाम होने के चलते वह निजी बस में लटककर पहुंचा। अब उसे कुरुक्षेत्र से जिरबड़ी जाना है। उसे पिपली तक ऑटो में डबल किराया देकर आना पड़ा। अब एक घंटे से बस का इंतजार कर रहा है।
एक घंटा इंतजार करने के बाद मिली बस : राम स्वरूप
यात्री रामस्वरूप ने बताया कि उन्हें बराड़ा जाना था। रोडवेज बसों का चक्का जाम होने के चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी बस न चलने के चलते अब उन्हें निजी बस में सफर करना पड़ेगा। करीब एक घंटा इंतजार के बाद मुश्किल से उन्हें बस मिली, जिसमें क्षमता से अधिक सवारियां थी।
सड़क के किनारे खड़े होकर वाहन का इंतजार करते यात्री। संवाद- फोटो : Kurukshetra
नए बस अड्डे के पास रोष मार्च निकालते जन संघर्ष मंच, निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन व मनरेगा ?- फोटो : Kurukshetra
चक्का जाम के चलते का खड़ी हरियाणा रोडवेज की बसें। संवाद- फोटो : Kurukshetra