धर्मनगरी में बुधवार को एकबार फिर बारिश से शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं और कई दुकानों में पानी घुस गया। जलभराव की दो दशक पुरानी समस्या का समाधान नहीं होने से एकबार फिर शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ी। साथ ही नगर परिषद की ओर से जलनिकासी के दावे हवाई साबित हुए। दूसरी ओर गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने झमाझम बारिश के बाद राहत की सांस ली।
एक ओर जहां कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। स्थिति यह है कि शहर की दो दशक पुरानी जलभराव की समस्या आज भी बरकरार है, जबकि मानसून से पहले हर साल नपा की ओर से व्यवस्था दुरुस्त करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। इसके विपरीत जिले में हुई 21 एमएम बारिश से ही शहर पानी-पानी हो गया।
बारिश के दौरान शहर में रेलवे रोड स्थित न्यू कॉलोनी, पटेल नगर, राजेंद्र नगर, गुरु नानक मोहल्ला, झांसा रोड, थानेसर बाजार, बिरला मंदिर, देवी लाल चौक के समीप, पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र, शास्त्री मार्केट, लाडवा रोड, पिपली चौक, अग्रसेन चौक, सेक्टर-13 वाली मुख्य सड़क, सेक्टर-17, पुराना बस अड्डा, पटियाला बैंक कॉलोनी, कीर्ति नगर और लायलपुर बस्ती सहित कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं आंबेडकर चौक स्थित अल्ट्रासाउंड केंद्र सहित कई दुकानों में पानी घुसने से दुकानदारों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
दुकानदारों की मानें तो जलभराव की समस्या कोई नई नहीं, बल्कि 20 साल से ज्यादा पुरानी है, लेकिन जब से पिपली-थर्ड गेट सड़क बनी है तब से यह और गंभीर हो गई है। सड़क का लेवल ऊंचा होने के कारण अब जरा सी बारिश भी दुकानदारों के लिए मुसीबत बन जाती है। यही नहीं नगर परिषद की ओर से जलभराव की समस्या समाधान का दावा किया गया था। साथ ही समस्या होने पर रात को भी समाधान का भरोसा दिलाया गया था। इसके विपरीत बुधवार को दिनभर लोग जलभराव की समस्या से जूझते रहे, लेकिन कोई कर्मचारी नजर नहीं आया।
नगर परिषद की निवर्तमान अध्यक्ष बोलीं
नगर परिषद की निवर्तमान अध्यक्ष उमा सुधा का कहना है कि दुकानों में पानी भरने की सूचना मिलने पर कर्मचारियों की टीम बुलाकर आंबेडकर चौक के समीप बने सीवरेज की सफाई कराई गई, जिसके कुछ देर बाद धीरे-धीरे दुकानों से पानी कम हुआ। जहां भी जलभराव की समस्या आ रही है, वहां मौके पर जाकर जांच की जा रही है। जल्द ही इसका समाधान कराया जाएगा।