रोड़ क्षत्रिय प्रगति मंच के स्थापना दिवस पर शनिवार को निजी पैलेस में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंच के द्वारा इस दौरान सर्वसम्मति से तीन प्रस्ताव पास किए गए। कार्यक्रम में स्वामी संपूर्णानंद ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि रोड़ क्षत्रिय प्रगति मंच समाज के जरूरतमंद और असहाय व्यक्ति के लिए संबल बनेगा। मंच ऐसे व्यक्ति की हर संभव मदद करेगा, जिसे समाज के सहयोग की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति के लिए एकजुट होना होगा और बुराइयों को त्यागना है। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय अंजनथली करनाल के कुलपति डॉ. समर सिंह ने कहा कि रोड समाज प्राचीन काल से ही खेती-बाड़ी करता आ रहा है। आज समय आ गया है कि खेती की नई तकनीकों को अपनाया जाए। नई पीढ़ी को दिशा देने के लिए नारी शिक्षा को बढ़ाना होगा। पद्मश्री सुल्तान सिंह ने कहा कि इमानदारी से मेहनत करने पर ही सफलता मिलती है। उन्होंने 19 साल की आयु में सबसे पहले अपने खेत में मछली पालन शुरू किया था। अब वह कई देशों में मछलियां सप्लाई कर रहे हैं। सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. मेहर सिंह ने कहा कि हमें समाज को एकजुट करना होगा। इसके लिए समाज के प्रबुद्ध लोगों को जिम्मेदारी लेते हुए कार्य करना होगा। संस्थापक संरक्षक पृथ्वी सिंह दर्रा खेड़ा ने मंच संचालन किया। इस मौके पर जगद्गुरु ब्रह्मानंद आश्रम से मां दर्शना देवी, मुख्य सलाहकार जगत सिंह, महामंत्री रामपाल बड़थल, कोषाध्यक्ष धर्मपाल, रामपाल साकरा आदि मौजूद रहे।
मंच के प्रदेशाध्यक्ष बाबू राम टाया ने समारोह में सभी सदस्यों के सामने तीन प्रस्ताव रखे। पहला प्रस्ताव प्रदेश में चार विश्वविद्यालय रोड़ समाज के गावों में उनकी जमीन पर बनाए गए हैं, इनमें से किसी भी एक विवि का नाम समाज के महापुरुषों के नाम पर रखा जाए। दूसरा प्रस्ताव किसी बीमारी के चलते इलाज कराने में असमर्थ दो जरूरतमंद लोगों का हर साल मंच की ओर इलाज कराने और तीसरा प्रस्ताव समाज में बढ़ते वाद-विवाद को मंच के सामने लाकर निपटाने का रखा गया। इन तीनों प्रस्तावों को सभी सदस्यों ने हाथ उठाकर सर्वसम्मति से पास किया।