संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (केयू) के युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से शुक्रवार से शुरू होने वाले चार दिवसीय रत्नावली महोत्सव में तीन हजार कलाकार धमाल मचाएंगे। इस कार्यक्रम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कलाकारों के स्वागत के लिए विश्वविद्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया है। हरियाणवी कला एवं संस्कृति के इस महाकुंभ में पूरे प्रदेश के विश्वविद्यालय व कॉलेजों के कलाकार हिस्सा लेंगे
लोक संपर्क विभाग के उपनिदेशक डॉ. दीपक राय बब्बर ने बताया कि रत्नावली समारोह का उद्घाटन हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय करेंगे। उनके अलावा लोकसभा सांसद नायब सैनी, थानेसर विधायक सुभाष सुधा व फिल्म निर्माता एवं निर्देशक सतीश कौशिक व कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की उपस्थिति रहेगी।
वहीं विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने बताया कि उत्सव के लिए सुरक्षा से लेकर मेहमानों के ठहरने व खाने-पीने की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर रत्नावली समारोह विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। महोत्सव के लिए छह अलग-अलग मुख्य मंच बनाए गए हैं। कहा कि सभी प्रतियोगिताओं के लिए संबंधित अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। हरियाणा के कलाकार 32 विधाओं में अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही हरियाणा की हस्तकला प्रदर्शनी, चित्रकला प्रदर्शनी समारोह में विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी।
रत्नावली समारोह में हरियाणवी लोक नृत्य, ऑरकेस्ट्रा, लघु हास्य नाटिका, हरियाणवी नाटक, हरियाणवी गजल, लोकगीत, भजन, रागिनी, लोकविनोद, एकल वाद्य, हरियाणवी भाषण, चित्रकला, हरियाणवी लोक परिधान, एकल नृत्य महिला एवं पुरुष, सामुहिक लोकगीत गायन, हरियाणवी कविता, सांग, चौपाल, रसिया नृत्य, हरियाणवी प्रश्नोत्तरी, हरियाणवी लोकजीवन पर आधारित प्रश्नोत्तर, पगड़ी बंधाई, रीति-रिवाज, हरियाणवी कोरियोग्राफी आदि अनेक विद्याओं का आयोजन किया जाएगा।
रत्नावली समारोह में हरियाणा के लूर नृत्य की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगी। लूर नृत्य हरियाणवी लोक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। वर्तमान में यह लुप्तप्राय हो चला है। विभाग की ओर से कार्यशाला का आयोजन कर लूर नृत्य को जीवंत किया जाएगा और उसके पश्चात युवा उत्सव समारोहों में शामिल कर इसको फिर से पुनर्जीवित किया जाएगा।
तैयार किया गांव का लुक
महोत्सव में हरियाणा का लोक पारंपरिक स्वरूप देखने को मिलेगा। चित्रकला प्रदर्शनी एवं व्यंजनों के लिए झोंपड़ीनुमा ग्रामीण लुक तैयार किया गया है। पर्यटकों को हरियाणा का देसी खान-पान लोक पारंपरिक तरीके से लोक पारंपरिक स्वरूप में परोसा जाएगा। इसके लिए झोपड़ियां तैयार गई हैं। इस बार समारोह ऑनलाइन भी प्रसारित किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे बंदोबस्त कर लिए हैं।
आज ये कार्यक्रम होंगे
आज ऑडिटोरियम हॉल में हरियाणवी रीति-रिवाज, पाप सांग हरियाणवी, हरियाणवी कोरियोग्राफी, आरके सदन में हरियाणवी भजन, ड्यूट रागिनी, ओपन एयर थियेटर में सोलो डांस(मेल), रागिनी प्रतियोगिता सीनेट हाल में हरियाणवी डेक्लामेशन, टाई ऑफ हरियाणवी पगड़ी, खुला मंच पर सांग प्रतियोगिता व क्रश हाल में लोक चित्रकला प्रदर्शनी, बोहिया, इंडी, पीढा, बिंडरवाल, फुलझडी मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
केयू में तैयार की गई झोपड़ी को मिट्टी व गोबर से लीपती महिला। संवाद- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में झोपड़ी तैयार करता ग्रामीण। संवाद- फोटो : Kurukshetra
तैयारियों का जायजा लेते केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा व अन्य। संवाद- फोटो : Kurukshetra