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लाठीचार्ज, भूमि अधिग्रहण बिल व पीपीपी के विरोध में कांग्रेसियों का लघु सचिवालय पर प्रदर्शन

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करनाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस भी मैदान में आ गई है। वीरवार को लाठीचार्ज, भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल तथा परिवार पहचान पत्र के विरोध में पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा और लाडवा विधायक मेवा सिंह के नेतृत्व में जिलेभर से आए कांग्रेसियों ने लघु सचिवालय में जोरदार प्रदर्शन किया।
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इससे पहले कांग्रेसी कार्यकर्ता पंचायत भवन में एकत्रित हुए तथा यहां से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पर पहुंचे। यहां नगराधीश के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर करनाल लाठीचार्ज कांड की न्यायिक जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करने के साथ-साथ भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल और परिवार पहचान पत्र बनाने के विरोध में ज्ञापन सौंपा गया।
पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि अन्नदाता पिछले नौ माह से तीन नए कृषि कानून के विरुद्ध आंदोलनरत हैं। यह विश्व का सबसे बड़ा शांतिपूर्वक आंदोलन है, लेकिन प्रदेश सरकार किसानों पर लाठियां चलाकर उन्हें उकसाने का कार्य कर रही है। करनाल में जिस प्रकार से एक अधिकारी ने किसानों के सिर फोड़ने के आदेश दिए और उससे 10 किलोमीटर दूर किसानों को दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से पीटा गया, बेहद शर्मनाक है। मांग है कि करनाल कांड की न्यायिक जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए जाएं।
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अरोड़ा ने कहा कि अब हरियाणा सरकार भी एक और कानून लेकर आई है, जिसमें संशोधन करके जिला मजिस्ट्रेट को किसानों की जमीन अधिग्रहण करने का अधिकार दिया गया है। यह बिल किसानों की जमीनों को निजी लोगों को सौंपने का षड्यंत्र है। कांग्रेस के राज में 70 प्रतिशत किसानों की सहमति के बाद ही उनकी जमीन का अधिग्रहण हो सकता था मगर अब सरकार ने इस कानून में संशोधन कर भूमि अधिग्रहण का अधिकार जिला मजिस्ट्रेट को दे दिया है और 70 प्रतिशत लोगों की सहमति की शर्त हटा दी है। इसमें प्राइवेट बिल्डर और उद्योगपति के लिए जिला मजिस्ट्रेट किसी भी किसान की भूमि का अधिग्रहण कर सकता है।
वहीं, विधायक मेवा सिंह ने परिवार पहचान पत्र बनाने का विरोध करते हुए हा कि इससे व्यक्ति की निजता भंग होगी जो कि मौलिक अधिकार का हनन है। प्रत्येक व्यक्ति के बैंक खाता नंबर व अन्य निजी जानकारी सार्वजनिक हो जाएगी। सरकार तरह-तरह के कानून बनाकर आम आदमी की जिंदगी से खेल रही है, जबकि महंगाई की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस से लेकर रोजमर्रा में उपयोग होने वाली वस्तुओं के दाम बढ़ते जा रहे है। इस मौके पर मनदीप चट्ठा, पवन गर्ग, जलेश शर्मा, सुभाष पाली, जगदीश राठी, सुलतान, कपिल शर्मा निंदी, हरमनदीप विर्क, ज्ञानचंद सहित अन्य मौजूद रहे।
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