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सड़कों पर गरजे भावी चिकित्सक, आयुर्वेदिक कॉलेज से लघुसचिवालय तक निकाला रोष मार्च

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श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे भावी चिकित्सकों ने शुक्रवार को रोष मार्च निकाला। भावी चिकित्सक आयुर्वेदिक कॉलेज से आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने नगराधीश चंद्रकांत कटारिया को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
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विद्यार्थी छात्रवृत्ति और इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाने सहित अन्य मांगों पर अडिग हैं। भावी चिकित्सकों ने मांगें पूरी न होने तक आर-पार की लड़ाई का एलान किया है। लंबित मांगों के समर्थन में शनिवार को भावी चिकित्सक जूतों पर पालिश करके अपना विरोध दर्ज कराएंगे। पीजी छात्र डॉ. हरीश यादव, डॉ. पंकज, डॉ. सैशन राव, डॉ. स्वाति कौशिक, डॉ. मोनिका, बीएएमएस विद्यार्थी, सोहन, अनिल कुमार, पूजा वर्मा, प्रवीण कुमार सहित अन्य विद्यार्थियों का कहना है कि वह पिछले चार दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं, लेकिन आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन अभी तक नहीं दिया गया।
विद्यार्थियों ने कहा कि आयुर्वेदिक कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। यहां सभी चिकित्सक अच्छी प्रैक्टिस करके अच्छा डॉक्टर बनना चाहते हैं, लेकिन यहां बेसिक दवा तक उपलब्ध नहीं हैं। वे एमबीबीएस विद्यार्थियों के समान इंटर्नशिप भत्ता, पीजी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति में बढ़ोत्तरी, अस्पताल में आपातकालीन विभाग स्थापित करने, मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर स्थापित करने तथा महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी मांगों के समर्थन में मजबूरन धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती उनका आंदोलन जारी रहेगा। शनिवार को बीएएमएस, एमडी, एमएस और आयुर्वेद फार्मेसी के सभी विद्यार्थी जूतों पर पॉलिश करेंगे।
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