संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में उठाए गए कदमों के खिलाफ प्राथमिक शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। प्राथमिक शिक्षकों मंगलवार को दोपहर बाद तीन बजे लघु सचिवालय के बाहर सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही रोजाना दोपहर बाद तीन से शाम पांच बजे तक अनिश्चितकालीन धरना देने एलान किया। और इस संदर्भ में उप जिला शिक्षा अधिकारी संतोष शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा है।
शिक्षकों ने कहा कि सरकार को राजकीय स्कूलों को ही प्रमोट करना चाहिए था, जबकि इसके उलट संस्कृति मॉडल स्कूलों में नाम पर फीस बढ़ा दी है। यह शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। कहा कि वैसे सरकार ने संस्कृति मॉडल स्कूल खोल दिए हैं, लेकिन पिछली साल से स्कूलों में किताबें तक नहीं पहुंची। सरकार ने दाखिला प्रक्रिया को इतना जटिल बना दिया है कि आसानी से विद्यार्थियों का दाखिल नहीं हो रहे। स्कूल की एमआईएस आईडी को बंद कर दिया गया है।
शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अनुसार स्कूलों में छात्र-अध्यापक अनुपात 25 : 1 है, लेकिन सरकार ने इसे खत्म करके 30 : 1 अनुपात कर दिया है। सरकार ने पिछले साढ़े पांच साल में प्राथमिक शिक्षकों का कोई स्थानांतरण नहीं किया, जिसकी वजह से अनेक स्कूलों में अव्यवस्था का माहौल है, क्योंकि कहीं पर अध्यापक ज्यादा हैं तो कहीं पर अध्यापकों की बहुत ज्यादा जरूरत है। कहा कि सरकार ने सफाई के नाम पर सालाना मात्र आठ हजार रुपये देने की बात कही है, जो नाकाफी है।
सरकार व विभाग प्रत्येक कार्य ऑनलाइन चाहता है, लेकिन स्कूलों में कंप्यूटर और क्लर्क तक नहीं है। कहा कि सरकार इन तमाम बिंदुओं पर संज्ञान लें अन्यथा एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिला अध्यक्ष राजेंद्र टंडन, महासचिव संदीप चौहान, राज्य प्रेस प्रवक्ता सूबे सिंह सुजान, पूर्व जिला अध्यक्ष विनोद चौहान, लाडवा प्रधान सुखदेव सिंह,अमन पाल, दिलीप कुमार, प्रदीप कुमार, विकास कुमार, बिजेंद्र सिंह, राजबीर सिंह, थानेसर प्रधान नरेश फूले, अशोक सैनी, मोनिका भारद्वाज, सुमन, स्वीटी शर्मा, माया देवी, बलकार सिंह, जरनैल सिंह, अश्विनी कुमार आदि मौजूद रहे।