जिले में अब 15 एक्टिव केस बचे हुए हैं, जिनमें से सात मरीजों को घर पर ही आइसोलेट किया गया है, जबकि आठ मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल किया गया है, लेकिन अब तक 356 कोरोना पॉजिटिव मरीज उपचार के दौरान दम तोड़ चुके हैं। जिला सिविल सर्जन डॉ. संत लाल वर्मा का कहना है कि कुरुक्षेत्र में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट काफी अच्छे स्तर पर है। कुरुक्षेत्र में अब तक 3 लाख 18 हजार 583 लोगों की कोविड रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। जिले का रिकवरी रेट 98.32 फीसदी तक पहुंच गया है और सैंपल पॉजिटिव रेट घटकर 5.01 पर। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर आरटी पीसीआर और रैपिड एंटीजन के कुल 1989 सैंपल लिए गए थे, जिनमें आरटी पीसीआर के 1391 व रैपिड एंटीजन के 598 सैंपल शामिल है। मंगलवार को 1 व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और 1 मरीज को ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। इस प्रकार अब तक 22097 पॉजिटिव केस सामने आ चुके है। इनमें से 21726 मरीज ठीक होकर घर जा चुके है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीनेशन अभियान के तहत मंगलवार को 6167 को कोरोना वैक्सीन की डोज लगाई। इनमें 3191 को पहली और 2976 को दूसरी डोज लगाई गई।
जिले में ज्योति नगर, डकाला, हिंगाखेड़ी, सेक्टर-7 कुरुक्षेत्र, धनोरा जाटान, मिर्जापुर कॉलोनी सहित 7 स्थानों पर कोरोना पॉजिटिव केस मिलने पर जिला प्रशासन ने कंटेनमेंट जोन बनाने के आदेश दिए हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के अनुसार गांव अमीन व चनारथल में बनाए गए कंटेनमेंट व बफर जोन क्षेत्र से निजात दी गई है, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को अभी भी पूरी सतर्कता बरतनी होगी और सोशल डिस्टेंस, मास्क लगाने के नियमों का पालन करना होगा।
सहायक सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बलराम शर्मा ने कहा कि कोविड की वैक्सीन एक सुरक्षा कवच है। जब तक समाज का प्रत्येक नागरिक इस कवच को धारण नहीं करता, तब तक हमारा समाज सुरक्षित नहीं है। प्रत्येक नागरिक को कोविड-19 की वैक्सीन का टीकाकरण कराना चाहिए, ताकि इस महामारी पर काबू पाया जा सके। उन्होंने भी गत दिवस कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई।