संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। नवरात्र महापर्व के दूसरे दिन मां के ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की पूजा की गई। श्री देवीकूप मां भद्रकाली मंदिर के ब्राह्मणों ने मां के पूजा अर्चना के बाद कन्याओं का चंदन, कुमकुम, शहद, दूध, दही, गुलाब जल, गंगाजल, पुष्प व लाल चुनरी से पूजन किया गया। इससे पहले मां भद्रकाली की सुबह छह बजे मंगला आरती की गई। आरती का मंदिर के फेसबुक पेज पर सीधा प्रसारण किया गया।
वहीं मां के दर्शनों के सुबह ही श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचने लगे थे। रविवार को अवकाश होने की वजह से मंदिर में पूरा दिन भक्तों का आवागमन लगा रहा है। दूसरे दिन सुबह छह बजे मुख्य पुजारी शिमला देवी ने मां भद्रकाली को गुड़हल का फूल अर्पित किया। पीठाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने बताया कि ब्रह्मचारिणी म देवी तप का आचरण करने वाली देवी हैं। मां ब्रह्मचारिणी को चीनी और मिश्री काफी पसंद है, इसलिए मां को भोग में चीनी, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाया गया।
मां को दूध और दूध से बनी मिठाई अर्पित की गई। मां ब्रह्मचारिणी का पूजन करने से आलस्य, अहंकार, लोभ, असत्य, स्वार्थ व ईर्ष्या जैसी दुष्प्रवृत्तियां दूर हो जाती है। मां का स्मरण करने से एकाग्रता एवं स्थिरता आती है। साथ ही बुद्धि, विवेक व धैर्य में वृद्धि होती है। वहींसुबह नौ बजे भंडारा वेद भूषण अग्रवाल की ओर से लगाया गया। इसमें भक्तों ने हलवा, पूरी, चने, कड़ी, चावल, पेठा, आलू की सब्जी का आनंद लिया।
वहीं अशोक गर्ग व डिंपल गर्ग की ओर से सामक की खीर, कुट्टू के आटे के पकोड़े, आलू भाजी, दही, फल, चिलाई के लड्डू का नवरात्र व्रत भंडारा लगाया। भजन संध्या और महा आरती में मुख्य अतिथि डॉ. पवन बंसल रहे। इस मौके पर विकास दास, शिमला देवी, निकुंज शर्मा, अन्नू पॉल शर्मा, हेमराज शर्मा, शकुंतला देवी, धर्मपाल गोयल , संजीव मित्तल, रामपाल लाठर, कृष्ण माटा, देवेंद्र गर्ग, आशीष दीक्षित, हितेश चौधरी, अनिल, सुनील वर्मा आदि मौजूद रहे।
नवरात्र पर फूलों से सजा मां भद्रकाली का दरबार। संवाद- फोटो : Kurukshetra