कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में गोयल प्राइज अवाॅर्ड कमेटी ने इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 2021-22 गोयल शांति पुरस्कार से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
कुलपति प्रो. सोमनाथ ने कहा कि इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने मानवता के लाभ के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए अथक प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में बेंगलुरु में अपने भाषण में इसरो के काम की सराहना की थी, जिसमें उन्होंने जीवनयापन में आसानी और गवर्नेंस में आसानी के साथ-साथ दूरस्थ लोगों तक शिक्षा, संचार और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए इसरो के अंतरिक्ष मिशन की सराहना की थी।
गोयल अवार्डस के कंवीनर प्रो. संजीव अरोड़ा ने बताया कि गोयल पुरस्कार के कुछ प्रतिष्ठित पुरस्कार विजेताओं में आईआईएससी बेंगलुरु के पूर्व निदेशक प्रो. सीएनआर राव, आईआईएससी में भटनागर पूर्व फेलो डॉ. गोवर्धन मेहता, डॉ. आरए माशेलकर, पूर्व महानिदेशक सीएसआईआर, डॉ. ओबैद सिद्दीकी, टीआईएफआर के राष्ट्रीय जैविक विज्ञान केंद्र के पूर्व निदेशक और डॉ. एके सूद, प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर, भारत सरकार शामिल हैं। इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के कस्तूरीरंगन को 1998 में गोयल पुरस्कार तथा सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ. बिंदेश्वर पाठक को 2015 में गोयल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।