सेक्टर-17 के एक दुकानदार ने जेई और अन्य दो कर्मचारियों पर रिश्वत न देने पर झूठा केस बनाकर फंसाने का आरोप लगाकर एक्सईएन को लिखित शिकायत दी। आरोप लगाया कि जेई के कहने पर दो कर्मियों ने तीन फेज का नया मीटर लगाकर रिश्वत की मांग की, जिस पर उन्होंने रिश्वत देने से साफ मना कर दिया। उसके बाद जेई ने पुराने मीटर को पैक करके उनको फंसाने के लिए झूठा केस बना दिया।
बुधवार को दुकानदार बलदेव राज ने एक्सईएन हिमांशु पवार से मुलाकात की तथा जेई के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। वहीं एक्सईएन हिमांशु पंवार ने शिकायतकर्ता को मामले की जांच करके कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। दुकानदार बलदेव राज ने बताया कि दो सितंबर को किराएदार कंपनी स्टाफ ने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम को बिजली मीटर का एक फेज जलने की शिकायत टोल फ्री नंबर पर दी।
इस शिकायत पर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके अगले दिन भी कंपनी ने लिखित शिकायत दी लेकिन इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। तीसरी बार शिकायतकर्ता ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई तो निगम के दो कर्मी मौके पर पहुंचे तथा बिजली मीटर बदल दिया गया। आरोप है कि उक्त दोनों कर्मियों ने मीटर लगाने के एवज में पैसे (रिश्वत) की मांग की, जिस उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया था। आरोप लगाया कि जेई ने उनको झूठे केस में फंसाने के लिए मीटर में गड़बड़ी दिखा दी तथा दोनों कर्मियों को हस्ताक्षर कराने के लिए भेज दिया था। जेई ने यह पूरा वाक्या 27 सितंबर का दिखाया गया, जबकि 23 सितंबर को मीटर बदलने की कार्रवाई की गई थी, जिसकी पूरी रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। वहीं, एक्सईएन हिमांशु पंवार ने शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी, उसके बाद जो भी आरोपी पाया उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं : एसके भोरिया
निगम के सीनियर इंजीनियर एसके भोरिया ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो इसकी जांच की जाएगी व कार्रवाई की जाएगी।