संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग की ओर से गोद लिए गए गांव पबनावा में कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यातिथि कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पृथ्वी पर उपलब्ध संसाधनों को बचाने के लिए युवा पीढ़ी को अपना अहम योगदान देना होगा। शिक्षा सिर्फ डिग्रियां लेने या नौकरी लेने तक सीमित नहीं होनी चाहिए क्योंकि समाजोत्थान के लिए शिक्षा की अहम भूमिका होती है। एक शिक्षित समाज ही विकसित राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।
गांव पबनावा में कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष डॉ. नरेश सागवाल ने की। डॉ. नरेश ने बताया कि भारतीय सपूतों की कुर्बानी की वजह से हमें जो स्वतंत्रता और संसाधन मिले हैं इनका सदुपयोग आने वाली पीढ़ी के लिए अनिवार्य समझा जाना चाहिए। विभाग के विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों सहित पबनावा गांव के आदर्श विद्या मंदिर, राजकीय वरिष्ठ माध्यामिक विद्यालय, पबनावा, व आर्य पब्लिक स्कूल चंदलाना आदि स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ मिलकर नुक्कड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग, भाषण आदि विधाओं के जरिये ग्रामीणों को प्राकृतिक संसाधनों के सही इस्तेमाल के बारे में अवगत कराया।
उन्होंने गांव के सभी स्कूलों के बच्चों के साथ मिलकर रैली भी निकाली। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर पहुंचे सिंचाई विभाग के तकनीकी अधिकारी डॉ. महावीर सिंह ने बच्चों को पृथ्वी दिवस मनाने के पीछे के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि आजादी से लेकर अब तक भूजल की स्थिति कैसे बदल रही है, इस पर गांव के बुजुर्गों के साथ गहन चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि अगर इसी प्रकार से हम पानी का दोहन करते रहे तो आने वाले समय में यह बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। इस अवसर पर बच्चों द्वारा बनाए गए पोस्टर व स्लोगन राइटिंग की प्रतियों को जांचने के लिए सहायक प्रोफेसर सरिता मान, यशपाल, पर्यंत अश्वनी, डॉ. राजेश रंगा, जयपाल व डॉ. योगेंद्र ने विशेष भूमिका निभाई।