एक सप्ताह पहले ही बनाई गई हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की नई कमेटी पर पंजाब एवं हरियाणा एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने स्टे लगा दिया है, जिसके चलते अब यह कमेटी कोई कार्य नहीं कर सकेगी जबकि इससे पहले की कमेटी बहाल रहेगी। इस मामले में अब अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी।
पहले की कमेटी में कार्यकारिणी सदस्य रहे विनर सिंह ने उच्च न्यायालय में नई कमेटी के गठन पर आपत्ति जताते हुए एक अप्रैल को याचिका दायर कर चुनौती दी गई थी। उन्होंने बताया कि 28 मार्च को कमेटी की बजट बैठक तय की गई थी, जिसमें सिर्फ बजट ही पास किया जाना था।
बैठक का यही एजेंडा उन्हें भी मिला था, लेकिन जब बैठक हुई तो उसमें कमेटी में ही उलटफेर कर दिया गया। बैठक में नई कमेटी बनाई गई, जो पूरी तरह से अनुचित थी। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। मामले को लेकर बातचीत में विनर सिंह ने बताया कि अदालत ने न केवल उनकी याचिका स्वीकार की बल्कि सुनवाई करते हुए नई कमेटी पर स्टे लगा दिया है।
अब नई कमेटी कोई कार्य नहीं कर सकेगी जबकि इससे पहले की कमेटी ही कार्यरत मानी जाएगी। इसमें वे कार्यकारिणी सदस्य तो रमणीक सिंह मान महासचिव के तौर पर रहेंगे जबकि अन्य पदाधिकारी भी पहले की तरह कार्य कर सकेंगे।
नई कमेटी पर लगा स्टे, मैं कार्य करता रहूंगा : असंध
कमेटी के प्रधान भूपिंद्र सिंह असंध का कहना है कि अदालत ने नई कमेटी पर स्टे लगाया है, लेकिन उन पर नहीं। वे इससे पहले की कमेटी में भी प्रधान थे और पहले की तरह ही कार्य करते रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले को लेकर कार्रवाई को लेकर उचित कदम उठाया जाएगा और उम्मीद है जल्द ही स्टे भी हट जाएगा।
अदालत को किया गया गुमराह : कवलजीत
कमेटी प्रवक्ता कवलजीत अजराना का कहना है कि विनर सिंह की ओर से अदालत को गुमराह करने का काम किया गया है। बैठक में पूरे नियमों के तहत नई कमेटी बनाई गई थी। विनर सिंह भी बैठक में थे और उन्होंने खुद महासचिव पद के लिए रमणीक सिंह मान के नाम का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उनके पक्ष में पांच व सुखविंदर सिंह मंडेबर को 28 सदस्यों ने समर्थन दिया था। पूरी कार्रवाई ऑन रिकार्ड है, जिससे अदालत को अवगत कराया जाएगा, जिसके बाद अदालत के समक्ष सच्चाई आ जाएगी। उम्मीद है यह स्टे जल्द हट जाएगा।
मान की जगह मंडेबर को बनाया था महासचिव
ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब छठी के दीवान हाल में 28 मार्च को एचएसजीएमसी की बैठक में भूपिंद्र असंध को प्रधान बनाए जाने के अलावा महासचिव रमणीक सिंह मान की छुट्टी कर उनकी जगह सुखविंदर सिंह मंडेबर को मौका दिया गया था। उनके साथ ही इस कमेटी में सुदर्शन सिंह सहगल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बीबी रविंदर कौर अजराना को कनिष्ठ उपप्रधान, गुलाब सिंह मूनक को संयुक्त सचिव बनाया गया था।
यहीं नहीं जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल, जत्थेदार जगसीर सिंह मांगेआना, बलदेव सिंह खालसा, सुदर्शन सिंह गावड़ी, तजिंदरपाल सिंह अंबाला और तजिंदर सिंह नारनौल को कार्यकारिणी समिति सदस्य चयनित किया गया था जबकि धर्म प्रचार की कमान जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल को सौंपी गई थी। इस कमेटी में कवलजीत अजराना को प्रवक्ता बनाया गया था। बैठक में 100 करोड़ 45 लाख 70 हजार 200 रुपये का बजट भी पास किया गया था।