आदि बद्री में बांध का निर्माण करने के लिए हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बीच एमओयू होगा, जिस पर हरियाणा और हिमाचल के मुख्यमंत्री 21 जनवरी को हस्ताक्षर करेंगे। इस एमओयू से सरस्वती नदी के जल प्रवाह की योजना को अमलीजामा पहनाया जा सकेगा। यह कहना है हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच का। वे गुरुवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में बोर्ड के सदस्यों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों संग बैठक कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति से जुड़ी सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करने की परियोजना के लिए बेहतर तालमेल से कार्य किया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने इस प्राचीन धरोहर को पुनर्जीवित करने का निश्चय किया है। इसके तहत हरियाणा प्रदेश में सरस्वती नदी में जल प्रवाह की कार्य योजना पर काम किया जा रहा है। यह परियोजना जल संरक्षण, सिंचाई, पेयजल के साथ-साथ पर्यटन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।
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बैठक में सिंचाई विभाग के विशेष एचओडी विजेंद्र सिंह, एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल, सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर बीएस नेहरा, एसई अरविंद कौशिक, एक्सईएन नितिन भट्ट, एक्सईएन समीर शर्मा, एक्सईएन जसबीर सिंह, तहसीलदार चेतना चौधरी, एसडीओ नितिन गर्ग, एसडीओ रविंद्र, एसडीओ दीपक, एसडीओ सतीश नैन आदि उपस्थित रहे।