संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। आग में जिंदा जलकर मृत सगी बहनों राधिका व शारदा का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर हुआ। आग में जलने से तीन व आठ साल की दोनों बच्चियों के शरीर से तकरीबन मांस तो पहले ही खत्म हो चुका था। हेल्पर्स संस्था के सहयोग से दोनों बहनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया।
इस दौरान हर किसी की आंख से आंसू बह रहे थे। बेटियों की आत्मा की शांति के लिए गांव के घर-घर में पूजा पाठ किया जा रहा है। एक साथ दो बेटियों की चिता को देखकर उनकी मां लक्ष्मी कई बार बेसुध हुई और अपनी बेटियों को पुकारती रही। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री का शोक संदेश लेकर पूर्व राज्यमंत्री कृष्ण बेदी बुधवार को गांव अरूप नगर में पहुंचे और हादसे का शिकार हुई बेटियों के पिता कोशी व माता लक्ष्मी को ढांढस बंधाया। बेदी ने कहा कि बेटियों के परिजनों को चार-चार लाख और जिस व्यक्ति सतीश कुमार की 28 बकरियां आग में जली है उसे भी आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। बेदी ने नगर की सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं से भी परिवार का अधिक से अधिक सहयोग करने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को अरूप नगर स्थित माया कॉलोनी में आग ने जमकर तांडव मचाया था। झोपड़ी में आग लगने के कारण सगी बहनें शारदा व राधिका जिंदा जल गयी थीं। वहीं साथ स्थित एक अन्य झोपड़ी में सतीश कुमार की 28 भेड़ें जिंदा जली थी।
आग में 25 हजार रुपये जले
कोशी व लक्ष्मी ने बच्चों के पालन पोषण के लिए करीब 25 हजार की राशि एकत्रित करके पेटी में रखी हुई थी, लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि घर में सारा सामान जलकर राख हो गया। घर का राशन, पंखा सभी सामान आग की भेंट चढ़ गया। परिवार चिंता में है कि अन्य दो बच्चों का पालन पोषण कैसे करेंगे।
हेल्पिंग हैंड बनवाएगा आशियाना
समाजसेवी संस्था हेल्पिंग हेंड ने इस परिवार के लिए आशियाना बनाने का बीड़ा उठाया है और इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। हेल्पिंग हैंड के प्रधान प्रदीप कुकरेजा ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द घर बनवाकर दिया जाए।