ब्रह्मसरोवर के आसपास का क्षेत्र इन दिनों मंडी में तब्दील हो गया है। मंडी में जगह न मिलने पर किसानों ने मजबूरन अब अपना धान सड़कों व ब्रह्मसरोवर के आसपास गिराना शुरू कर दिया है। ब्रह्मसरोवर के चारों और बनीं 12 पार्किंग इस समय धान से फुल हैं। वहीं मंडी से लेकर ब्रह्मसरोवर तक करीब तीन किलोमीटर केडीबी रोड भी धान से अट गया है। सड़क पर ही मशीनें लगाकर धान की सफाई की जा रही है। ऐसे में डस्ट सीधी वाहन चालकों को परेशान कर रही है। ऐसे में दुर्घटना होने का खतरा भी बना हुआ है। ब्रह्मसरोवर की सभी पार्किंग धान से अट जाने के कारण पर्यटकों को गाड़ी पार्क़िग करने में परेशानी हो रही है।
जानकारी के अनुसार दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, बिहार व मध्य प्रदेश और देश विदेश से हजारों पर्यटक ब्रह्मसरोवर पर पहुंचते हैं। इन दिनों ब्रह्मसरोवर के चारों ओर लगी धान की ढेरियों और अनगिनत बोरियों के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्हें बड़े वाहनों की पार्किंग से लेकर ठहरने जैसी कई सारी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। आमतौर पर जहां पर्यटकों के वाहन खड़े हुआ करते थे वहां दूर दूर तक धान पड़ा हुआ है। ब्रह्मसरोवर पर गुलजारी लाल नंदा पार्क के पास वाली पार्किंग, वीवीआईपी घाट वाली पार्किंग, बाजीगर धर्मशाला के पास वाली पार्किंग, बौद्ध स्तूप के सामने, रोड़ धर्मशाला के सामने व दक्षिण मुखी प्राचीन मंदिर के तीनों ओर धान के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। जगह के अभाव में पर्यटक कहीं धान की बोरियों पर बैठ खाना खा रहे हैं और इन्हीं पर विश्राम कर रहे हैं।
तीसरी बार आए हैं, ऐसा पहली बार हो रहा: डोरीलाल
उत्तर प्रदेश से आए पर्यटक डोरीलाल का कहना है कि ब्रह्मसरोवर पर चारों ओर फैले धान की वजह से उठने-बैठने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। वे तीसरी बार कुरुक्षेत्र घूमने आए हैं इससे पहले ऐसा कभी नहीं देखा।
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पीने के पानी को लेकर आ रही दिक्कतें: अजय कुमार
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यूपी से अपने परिवार के साथ आए पर्यटक अजय कुमार गुलजारी लाल नंदा मार्ग के पास ही ठहरे हैं। उनका कहना है कि पास में जो वाटर कूलर लगा है उसमें पानी नहीं आ रहा। उन्होंने वहां तैनात व्यक्ति से इस बारे में पूछा तो कहने लगे कि दोपहर दो बजे के बाद बिजली आएगी तभी वाटर कूलर चलेगा
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मंडियों में जाम की स्थिति: धर्म सिंह
आढ़ती धर्म सिंह का कहना है कि अनाज मंडी में जाम की स्थिति पैदा होने की वजह से पिछले कई सालों से हर सीजन इसी तरह शहर की सड़कों पर धान के ढेर लगते हैं। प्रशासन की ओर से आढ़तियों को ब्रह्म सरोवर के चारों ओर धान डालने की अनुमति भी दी गई है।
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मंडियों का बुरा हाल: बलवान
तीन एकड़ की धान लेकर आए उदारसी निवासी किसान बलवान ने हनुमान मंदिर के पास धान गिराई हुई है। बताया कि मंडी में जाम की स्थिति होने की वजह से धान यहां लेकर आया हूं। दो रातों से वह यहां रुका हुआ हूं और पता नहीं कितना समय और लगने वाला है।
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मंडी के बाहर भी आढ़तियों को धान खरीद की दी इजाजत: हरजिंद्र
थानेसर मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह ने बताया कि मंडी के अलावा शहर की विभिन्न जगहों पर प्रशासन की ओर से खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर किसान अपनी धान गिरा रहे हैं। मंडी में इस समय करीब सवा दो लाख क्विंटल धान पड़ा है।