धान खरीद में सरकार पर गुमराह करने का आरोप लगाकर किसानों ने 1 बजे नेशनल हाईवे-44 पर पिपली चिड़ियाघर के पास चक्का जाम कर दिया। थानेसर अनाज मंडी से एकत्रित होकर किसान ट्रैक्टर-ट्राली, कार व बाइक पर सवार होकर हाईवे पर पहुंचे और हाईवे के दोनों ओर ट्रैक्टर-ट्राली लगाकर जाम लगा दिया। इस दौरान हाइवे पर वाहनों का एक किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। मामले सूचना पाकर लाडवा एसडीएम अनुभव मेहता, डीएसपी भारत भूषण, पिपली मंडी मार्केट कमेटी के सचिव राहुल मियो मौके पर पहुंचे तथा किसानों को समझाने का प्रयास किया, मगर यहां किसानों ने प्रशासन से तुरंत खरीद करके उठान करने व बारदाना उपलब्ध कराने की मांग रखी। इससे पहले किसानों ने सुबह 10 बजे ही थानेसर मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव किया। किसानों ने कार्यालय को बंद करके सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने मार्केट कमेटी सचिव सहित अन्य अधिकारियों को बंधक बनाकर अपने साथ ही धरने स्थल पर बैठा लिया। किसानों ने प्रशासन से साढ़े 12 बजे तक खरीद शुरू करने की मांग रखी। साढ़े 12 बजे तक जब खरीद शुरू नहीं हुई तो किसानों ने 1 बजे एनएच-44 पर चक्का जाम करने का फैसला लिया। उसके बाद सभी किसान ट्रैक्टर-ट्राली सहित अन्य वाहन में सवार होकर पिपली चिड़ियाघर के पास पहुंचे और जाम लगा दिया। जाम लगते ही हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लग गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि जाम में फंसे लोगों के लिए किसानों की ओर से चाय व लंगर का प्रबंध किया गया। वहीं पुलिस प्रशासन ने जाम की सूचना पर शाहाबाद से लाडवा व पिपली से लाडवा की ओर रूट डायवर्ट कर दिया। वहीं पिपली में जाम की सूचना मिलते ही पिहोवा, लाडवा, इस्माईलाबाद में भी किसानों ने जाम लगा दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार खरीद के नाम पर किसानों को गुमराह कर रही है। खरीद के नाम पर धान को कट्टों में भरकर रखा जा रहा है, जबकि आढ़ती व राइस मिलर्स कोई भी खरीद करने को तैयार नहीं है। आरोप लगाया कि आढ़ती सरकार से खरीद के लिखित आदेश नहीं मिलने के कारण खरीद नहीं कर रहे है। वहीं राइस मिलर्स चावल खरीद की नई पॉलिसी का विरोध कर रहे है। खरीद न होने का सीधा नुकसान किसानों का हो रहा है। पिछले कई दिनों से किसान मंडी में रहने को मजबूर है। किसानों को अगली फसल की तैयारी भी करनी है, मगर सरकार खरीद न करके किसानों को धोखा दे रही है। मांग रखी कि सरकार तुरंत प्रभाव से खरीद करके किसानों का भुगतान करें तथा पोर्टल पर खरीद सीमा को 25 एकड़ से बढ़ाकर 33 से 35 एकड़ किया जाए।
अपनी मांग को लेकर किसानों ने पिहोवा में गांव गुमथला गढ़ू बस स्टैंड पर 11 बजे तथा पिहोवा मेन चौक पर 1 बजे जाम लगाया। वहीं इस्माईलाबाद में किसानों ने हिसार-चंडीगढ़ पर करीब सवा 3 बजे जाम लगाया। वहीं लाडवा में करीब ढाई बजे लाडवा-रादौर रोड पर सुनारिया चौक पर जाम लगा दिया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, मगर किसान ने आरोप लगाया कि अधिकारी अपने स्तर पर फैसला नहीं ले सकते है। लिहाजा, किसानों ने गुरनाम सिंह चढ़ूनी के आह्वान पर जाम खोल दिया।
किसानों ने कहा कि आज बुधवार सुबह किसान सत्ता पक्ष के विधायक, मंत्री व सांसद के आवास का घेराव करेंगे। जहां सत्ता पक्ष के नेताओं का आवास नहीं है वहां किसान जाम लगाएंगे। उसके बाद भी अगर सरकार उनकी मांग नहीं मानती तो किसान पूरे प्रदेश में चक्का जाम करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।