कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन मंगलवार को वैश्विक नीली अर्थव्यवस्था के उभरते रुझान तथा 2026-2030 के दौरान आईओआरए, आसियान और बिम्सटेक सहित अन्य क्षेत्रों में नीली अर्थव्यवस्था का क्रियान्वयन विषय पर तृतीय पूर्ण सत्र का आयोजन होगा। सत्र में समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग, समुद्री अर्थव्यवस्था, क्षेत्रीय सहयोग तथा नीली अर्थव्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर देश-विदेश के विशेषज्ञ विमर्श करेंगे।
सुबह 9.30 से दोपहर 12.20 बजे तक होने वाले सत्र की अध्यक्षता आईसीआईपीएस के निदेशक प्रो. वीएन अत्री करेंगे, जबकि अमेरिका स्थित मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के सेंटर फॉर द ब्लू इकोनॉमी के अनुसंधान निदेशक प्रो. चार्ल्स कोलगन सह अध्यक्ष होंगे। सत्र में अमेरिका के डॉ. बद्री नारायणन, ड्यूक विवि के प्रो. जॉन विर्डिन, स्वीडन स्थित ’’विश्व समुद्री विवि के प्रो. रोनन लॉन्ग, सांख्यिकी नॉर्वे की वरिष्ठ शोधकर्ता डॉ. क्रिस्टीन एम ग्रिम्सरुड, फ्रांस की ला रीयूनियन विवि की प्रो. ऐन-फ्रांस्वाज जत्तारा तथा नालंदा विवि के प्रो. एसके मोहंती विशेषज्ञ वक्ता के रूप में हिस्सा लेंगे। सत्र समापन दोपहर 12.10 बजे प्रो. वीएन अत्री के संबोधन से होगा। सुबह 10 से 11.30 बजे तक समानांतर तकनीकी सत्र-4 का ऑनलाइन आयोजन भी किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12.50 बजे से चतुर्थ पूर्ण सत्र होगा। संवाद