भले ही सरकार धर्मनगरी को पर्यटन स्थल के रूप में विश्व के मानचित्र पर लाने का प्रयास कर रही हो, मगर सन्निहित सरोवर की दुर्दशा जिला प्रशासन और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की कार्य प्रणाली पर सवाल जरूर खड़ा कर रही है। कभी 40 लाइटों की दूधिया रोशनी में नहाने वाला सन्निहित सरोवर आज अंधेरे में अपना वजूद ढूंढ रहा है। यहां लगाई गईं 40 लाइटों से चोर 2 लाख 10 हजार रुपये की एक हजार मीटर कॉपर वायर चोरी करके फुर्र हो गए, जिनका पुलिस पता नहीं लगा पाई है। हालत ये है कि सरोवर के चारों ओर अंधेरा पसरा हुआ है। यहां के जिम्मेदार पदाधिकारी एवं अधिकारी खामियों को जल्द दुरुस्त करके बेहतर व्यवस्था बनाने के दावे तो जरूर करते हैं, लेकिन स्थिति हमेशा सुधरने की बजाय बद से बदतर होती दिखाई देती है।
दरअसल, श्रीकृष्णा सर्किट के तहत वर्ष 2018 में लाखों रुपये का बजट खर्च करके ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर सन्निहित सरोवर पर 40 दूधिया लाइटें लगाई गई थीं। कुछ माह तक तो सन्निहित सरोवर दूधिया रोशनी से जगमगाया, लेकिन सन्निहित सरोवर की इस दूधिया रोशनी पर चोरों ने ग्रहण लगा दिया। मौका मिलते ही चोर 2 लाख 10 हजार रुपये की एक हजार मीटर कॉपर वायर चोरी करके फुर्र हो गए, जिनका आज तक भी कोई सुराग नहीं लग सका। हालांकि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड अब जल्द ही करीब एक लाख रुपये की लागत से इन लाइटों में वायर डालकर चालू करने का दावा कर रहा है।
बता दें कि 17 जून 2021 को सन्निहित सरोवर पर लगे बिजली के नए 40 ओरनामेंटल पोल की मुख्य चार कोर कॉपर केबल चोरी हो गई थी। एक हजार मीटर इस वायर की अनुमानित कीमत दो लाख 10 हजार रुपये आंकी गई थी। केडीबी कार्यालय की ओर से सुभाष मंडी पुलिस चौकी को शिकायत सौंपी गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला तो जरूर दर्ज किया, लेकिन आज तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी तो दूर पुलिस चोरों का सुराग लगाने तक में नाकाम रही।
पुलिस सख्ती बरतें तो हो सकता है सुधार : अमन
तीर्थ पुरोहित अमन का कहना है कि सन्निहित सरोवर की जिला पुलिस प्रशासन और केडीबी द्वारा अनदेखी की जा रही है। सरोवर पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था होनी चाहिए। पुलिस रात के समय नाम मात्र की गश्त करती है, अगर पुलिस सख्ती बरते और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ करें तो स्थिति काफी सुधार में आ सकती है। उनका कहना है कि 90 प्रतिशत से अधिक मजदूर यहीं आराम करते हैं, वो ही लोग चोरी व नशे को बढ़ावा देते हैं। सुबह से ही सन्निहित सरोवर पर नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। इस ओर पुलिस को ध्यान देना चाहिए।
सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं, पुलिस कर रही जांच : राजीव
जांच अधिकारी एएसआई राजीव का कहना है कि सन्निहित सरोवर पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था नहीं है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अभी तक पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की थी, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सात करोड़ की लागत से लगने हैं 113 सीसीटीवी कैमरे, अभी नहीं मिली अप्रूवल गौतम
पर्यटन निगम के एक्सईएन गौतम कुमार का कहना है कि श्रीकृष्णा सर्किट के तहत ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर सहित कई जगह चयनित की गई हैं। जहां करीब सात करोड़ रुपये की लागत से 113 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं, लेकिन अभी अप्रूवल नहीं मिली है। उनका कहना है कि सन्निहित सरोवर पर लाइट लगाकर केडीबी को सौंप दी गई थी, जिसकी देख-रेख करना केडीबी की जिम्मेदारी है।
श्रीकृष्णा सर्किट के तहत लगने हैं सौ से अधिक कैमरे, संबंधित अधिकारी से करेंगे बात : अनुभव
केडीबी के सीईओ अनुभव मेहता का कहना है कि सन्निहित सरोवर पर श्रीकृष्णा सर्किट के तहत करीब सौ सीसीटीवी कैमरे लगने हैं, जिनका बजट भी पास हो गया है। सीसीटीवी कैमरे लगे क्यों नहीं वे इस संदर्भ में पर्यटन निगम के संबंधित अधिकारी से बात करेंगे। वहीं, बढ़ रही चोरी की वारदात को लेकर पुलिस प्रशासन से बातचीत करेंगे और समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाएगा। शीघ्र ही बंद पड़ी लाइट्स को दुरुस्त कराया जाएगा।