कुरुक्षेत्र पहुंचे मंगोलिया के राजदूत गैनबोल्ड दंबजाव ने भविष्य में केयू के साथ एमओयू का भरोसा दिया। उन्होंने केयू में अध्ययन कर रहे अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में चर्चा की।
आने वाले समय में मंगोलिया के शिक्षण संस्थान व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय मिलकर शैक्षिक गतिविधियों व शोध को बढ़ावा देंगे, इसके लिए एमओयू किया जाएगा। यह भरोसा मंगोलिया के राजदूत गैनबोल्ड दंबजाव ने दिया। वे सोमवार को कुरुक्षेत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा से शिष्टाचार की मुलाकात की। उन्होंने केयू में अध्ययन कर रहे अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में चर्चा की।
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गैनबोल्ड दंबजाव ने कहा कि केयू अपने शिक्षकों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के परिणाम स्वरूप ही ए-प्लस ग्रेड और शिक्षा व शोध के क्षेत्र में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुका है। उन्होंने भविष्य में केयू के साथ एमओयू करने का आश्वासन दिया, जिससे दोनों देशों के शैक्षणिक संस्थानों के बीच में आने वाले समय में शैक्षणिक, अनुसंधान व शोध को बढ़ावा मिलेगा और आपसी संबंध भी मजबूत होंगे।
उन्होंने केयू की ओर से मंगोलिया तथा अन्य देशों के अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दी जा रही सुविधाओं की प्रशंसा की। इसके पश्चात उन्होंने केयू के धरोहर हरियाणा संग्रहालय, पहली जंग-ए-आजादी 1857 का संग्रहालय, अंतरराष्ट्रीय छात्रावास सहित कई अन्य जगहों का भ्रमण किया।
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केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि केयू में 31 देशों के करीब 170 विद्यार्थी विभिन्न विभागों में अध्ययन कर रहे हैं, जिसमें मंगोलिया सहित कई अन्य देशों के छात्र शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय छात्रों को हर तरह की सुविधा प्रदान करने के लिए केयू की ओर से विशेष ध्यान रखा जाता है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में मंगोलिया के साथ होने वाले एमओयू से केयू के शिक्षकों, छात्रों व शोधार्थियों को अनुसंधान व नवाचार के क्षेत्र में लाभ मिलेगा। इसके पश्चात केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा और एनआईटी निदेशक प्रो. बीवी रमणा रेड्डी ने मंगोलिया के राजदूत गैनबोल्ड दंबजाव को श्रीमद्भगवद्गीता की एक प्रति स्मृति के रूप में भेंट की। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा, प्रो. सतहंस, डॉ. अजय अग्रवाल सहित अन्य मौजूद रहे।